ips wives murder revilesips wives murder reviles

हैदराबाद। हैदराबाद के जुबली हिल्स में रिटायर्ड IPS रे विनय रंजन की पत्नी तनुजा रंजन हत्याकांड का आखिरकार पुलिस ने 5 महीने बाद खुलासा कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले नेपाली गैंग के 4 सदस्यों को हैदराबाद पुलिस ने नामपल्ली रेलवे स्टेशन से दबोचा है। गिरफ्तार आरोपियों में घर की नौकरानी भी शामिल है, जो इस पूरे प्लान की मास्टरमाइंड निकली।

क्राइम सीन: 7-8 मई की वो खूनी रात

7-8 मई की रात को प्रशासन नगर स्थित रिटायर्ड IPS के घर में वारदात हुई। तनुजा रंजन घर में अकेली थीं। आरोपियों ने उनका मुंह दबाकर दम घोंट दिया और घर से 225 ग्राम सोने के गहने लूटकर फरार हो गए। यह वारदात उस वक्त हुई जब IPS अधिकारी बेंगलुरु गए हुए थे।

कातिल कौन? घर की नौकरानी बनी गद्दार

पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने बताया कि मुख्य आरोपी 26 साल की धर्मा तिरुवा उर्फ कल्पना है, जो नेपाल के सुर्खेत जिले की रहने वाली है। वह जून 2025 में एक रिश्तेदार के जरिए हैदराबाद आई थी और जुबली हिल्स में 20,000 रुपये महीना पर नौकरानी का काम कर रही थी।

लूट का पूरा क्राइम प्लान कैसे बना?

  • नौकरानी पुणे में रहने वाले विकास नाम के शख्स के संपर्क में थी, जो बार-बार उससे घर की दौलत के बारे में पूछता था
  • अप्रैल 2026 में धर्मा अपने बीमार पिता से मिलने पुणे गई, वहीं पर उसने पूरे गैंग से मुलाकात की
  • 4 मई को जैसे ही उसे पता चला कि साहब बेंगलुरु जा रहे हैं, उसने तुरंत गैंग को खबर दी
  • 4 मई को ही गैंग के सदस्य कलंबोली में मिले, किराए की अर्टिगा से पुणे पहुंचे और 5 मई को हैदराबाद के लिए निकले

वारदात की रात: दो टीमों में बंटा गैंग

7 मई को गैंग ने MG बस स्टेशन के पास रवींद्र बार में मीटिंग की।

पहली टीम (अंदर घुसने वाली): गणेश बीके, सुरेश शाही और शंकर लामा
दूसरी टीम (निगरानी करने वाली): गणेश बहादुर शाही, सुनील परियार और नेत्र शाही – नामपल्ली स्टेशन के पास

रात में धर्मा ने ही मुख्य दरवाजा खोला। तनुजा की नींद खुल गई तो आरोपियों ने मुंह बंद कर दम घोंटकर मार डाला। फिर अलमारी तोड़कर लूट की और पीछे के दरवाजे से भाग गए।

लूट का माल कैसे बंटा? नेपाल भाग गए लुटेरे

काजीपेट के सुनसान पहाड़ी इलाके में लूटा गया माल 9 बराबर हिस्सों में बांटा गया। फिर गैंग छोटे-छोटे ग्रुप में नेपाल भाग गया। पुलिस ने 22 मई को दो आरोपियों सुनील परियार और सोनार दिलीप मिजार को पहले ही पकड़ लिया था और 26 ग्राम सोना बरामद किया था।

5 महीने, 8 राज्य और भारत-नेपाल बॉर्डर तक फैली जांच

हैदराबाद पुलिस की SIT ने बेंगलुरु, मुंबई, पुणे, सूरत, पटना, दिल्ली, लखनऊ, उत्तराखंड और भारत-नेपाल सीमा पर 5 महीने तक खुफिया ऑपरेशन चलाया। लोकल मुखबिरों की मदद से सोमवार को नामपल्ली स्टेशन के पास 4 आरोपी दबोचे गए –

  1. धर्मा तिरुवा उर्फ कल्पना (26) – नौकरानी, सुर्खेत, नेपाल
  2. गणेश बीके उर्फ गणेश विश्वकर्मा (31) – मजदूर, पुणे
  3. चंद्र बहादुर तमांग उर्फ शंकर लामा (44) – रसोइया, गुरुग्राम
  4. गणेश बहादुर शाही (37) – चौकीदार, पुणे

दो आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस ने बताया कि स्थानीय मुखबिरों ने संदिग्धों के संभावित ठिकानों, उनके यात्रा मार्गों, काम-काज और संपर्कों का पता लगाने में टीम की मदद की।

error: Content is protected !!