बिलासपुर/छत्तीसगढ़: न्यायधानी बिलासपुर की सेंट्रल जेल से शनिवार देर शाम 20 बंदियों को रिहा किया गया। ये सभी आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे और लगभग 14 साल से अधिक समय से जेल में बंद थे।
शासन के निर्देश पर अच्छे आचरण और अनुशासन में रहने के कारण इनकी सजा में छूट देते हुए रिहाई का फैसला लिया गया।

जेल अधीक्षक ने दी जानकारी
सेंट्रल जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि 20 में से 19 बंदियों को तत्काल रिहा कर दिया गया है, जबकि एक बंदी रायपुर के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती है। अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही उसे भी रिहा कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि रिहा हुए सभी बंदियों को परिवार के साथ नई जिंदगी शुरू करने का मौका मिलेगा। उन्होंने जेल में बंद अन्य कैदियों से भी अच्छे आचरण और नियमों का पालन करने की अपील की।

क्षमता से अधिक है बंदी
बिलासपुर सेंट्रल जेल की स्वीकृत क्षमता 2290 बंदियों की है, जबकि वर्तमान में यहां 3518 बंदी हैं। बढ़ती संख्या को देखते हुए 1500 क्षमता वाली नई जेल का निर्माण भी किया जा रहा है।
जेल प्रबंधन के अनुसार अभी 65 अन्य बंदियों की रिहाई के आवेदन प्रक्रिया में हैं।
समाज में नई शुरुआत की चुनौती
लंबी सजा के बाद जेल से बाहर निकले इन बंदियों के सामने अब परिवार से जुड़ने और समाज में सम्मान के साथ जीवन जीने की बड़ी चुनौती होगी। जेल प्रबंधन को उम्मीद है कि ये अपने अतीत से सीख लेकर नई शुरुआत करेंगे।

