TEACHER DISSMISSEDTEACHER DISSMISSED

Teacher Dismissed: शिक्षिका से छेड़खानी के मामले में सजा पाने के बाद भी स्कूल में ड्यूटी कर रहे शिक्षक को आखिरकार बर्खास्त कर दिया गया है। मीडिया में खबरों के आने के बाद JD बिलासपुर संभाग ने यह बड़ा एक्शन लिया है।

  1. क्या है बर्खास्तगी आदेश?
  • DEO बिलासपुर के पत्र 21 अक्टूबर 2026 के अनुसार आरोपी विवेक गुप्ता, उच्च वर्ग शिक्षक, शा. पू. मा. वि. बेलमुण्डी, तखतपुर को बर्खास्त किया गया।
  • JMFC कोर्ट तखतपुर ने 26 सितंबर 2026 को IPC धारा 354 में 1 साल सश्रम कारावास और 1000 रु जुर्माना, धारा 323 में 1000 रु जुर्माने की सजा सुनाई थी।
  • आरोपी 07 अगस्त 2018 से 09 अक्टूबर 2018 तक 2 माह 2 दिन न्यायिक हिरासत में रहा था।
  • CG सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 10 (नौ) के तहत 26 सितंबर 2026 से भूतलक्षी प्रभाव से पदच्युत (Dismissal) किया गया। आदेश तत्काल प्रभावशील।
  1. क्या है पूरा मामला?
  • घटना 17 फरवरी 2018 को तखतपुर ब्लॉक के सरकारी स्कूल में हुई।
  • महिला शिक्षिका ने आरोप लगाया था कि विवेक गुप्ता ने हाथ खींचकर बदसलूकी, सीने पर हाथ लगाकर अभद्रता और गाली-गलौज की।
  • विरोध करने पर दीवार में धक्का दिया, जिससे सिर और चेहरे पर चोट आई। तेजाब फेंकने और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
  1. सजा के बाद भी करता रहा ड्यूटी
  • FIR के बाद आरोपी को बेलमुंडी स्कूल ट्रांसफर कर दिया गया था।
  • कोर्ट के जज ऋचा यादव ने 26 सितंबर को सजा सुनाई, लेकिन विभाग ने 3 हफ्ते तक कोई एक्शन नहीं लिया।
  • सजायाफ्ता होने के बाद भी वह बेफिक्र होकर स्कूल में पढ़ा रहा था।
  1. सिस्टम की लापरवाही
  • नियम 19 के अनुसार महिला उत्पीड़न या नैतिक पतन के मामले में सजा मिलते ही बिना विभागीय जांच के सीधे बर्खास्तगी होनी चाहिए थी।
  • अफसरों ने हाथ पर हाथ धरे रखा, DEO ने अनभिज्ञता जताई।

मामले की जानकारी मिलने के बाद डीईओ, बिलासपुर संदीप पांडेय ने फैसले की कॉपी हासिल की और फिर शिक्षक विवेक गुप्ता को बर्खास्त करने की अनुशंसा जेडी के समक्ष प्रस्तुत की। इसी के आधार पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई।

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