Excessive use of mobile phones and computers can weaken eyesightकंप्यूटर के अत्यधिक उपयोग से दृष्टि कमजोर हो सकती है

रोटरी क्लब में व्याख्यान, 20-20-20 नियम अपनाने की सलाह

रायपुर| रोटरी क्लब में आयोजित व्याख्यान में वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि आजकल मोबाइल, कंप्यूटर और डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग आंखों के लिए सबसे बड़ी नई चुनौती बन गया है। इससे ड्राई आई, जलन, सिरदर्द और कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।

डॉ. दिनेश मिश्र ने क्या कहा?

“आंखें प्रकृति का अनमोल उपहार हैं। WHO के अनुसार दृष्टि हानि के अधिकांश कारणों की समय पर जांच और जागरूकता से रोकथाम की जा सकती है। इसलिए नियमित नेत्र परीक्षण जरूरी है।”

आंखों की बीमारियों के मुख्य कारण

डॉ. मिश्र ने व्याख्यान में इन बिंदुओं पर जोर दिया:

1. बच्चों में दृष्टि दोष

जन्मजात दोष, विटामिन A की कमी से रतौंधी और कॉर्निया डैमेज। हरी सब्जी, गाजर, पपीता, आम, दूध-अंडे खाएं।

2. रिफ्रेक्टिव एरर

निकट दृष्टि, दूर दृष्टि और एस्टिग्मैटिज्म बच्चों-युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं। सही नंबर का चश्मा जरूरी है।

3. उम्र से जुड़ी बीमारियां

– मोतियाबिंद: बढ़ती उम्र में अंधत्व का सबसे बड़ा कारण। ऑपरेशन से इलाज संभव
– ग्लूकोमा/कांचबिंदु: बिना लक्षण के रोशनी खत्म करता है। 40 साल के बाद नियमित जांच जरूरी

4. डायबिटीज और BP का असर

डायबिटीज-हाई BP से रेटिना खराब होता है। समय पर इलाज न हो तो स्थायी दृष्टि हानि। रेटिनल डिटैचमेंट में अचानक चमक, काले धब्बे या पर्दा गिरना – ये इमरजेंसी है।

5. चोट और संक्रमण

खिलौने, पटाखे, होली का गुलाल, वेल्डिंग, एसिड से चोट। रसायन गिरे तो तुरंत पानी से धोकर डॉक्टर के पास जाएं। खुद से दवा न लें।

स्क्रीन से बचाव के लिए 20-20-20 नियम

डॉ. मिश्र ने डिजिटल स्ट्रेन से बचने के लिए ये 4 टिप्स दिए:

1. 20-20-20 नियम – हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें
2. पलकें झपकाएं – स्क्रीन पर पलकें कम झपकती हैं, इससे ड्राई आई होती है
3. उचित रोशनी – अंधेरे में मोबाइल न चलाएं
4. दूरी बनाएं – स्क्रीन से कम से कम 1 फीट की दूरी रखें

नेत्रदान पर जोर

डॉ. मिश्र ने कहा “मृत्यु के बाद नेत्रदान से 2 कॉर्नियल अंधे व्यक्तियों को नई रोशनी मिल सकती है। यह सबसे बड़ी मानव सेवा है।”

बचाव का मंत्र: नियमित जांच + पौष्टिक आहार + स्वच्छता + शुगर-BP कंट्रोल + सुरक्षात्मक चश्मा

error: Content is protected !!