रायगढ़। इंदौर से देशभर में ऑनलाइन ठगी कर रहा गिरोह आखिरकार रायगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़ गया। शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर रायगढ़ के डॉक्टर से 34.17 लाख रुपये ठगने के मामले में साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर के कॉल सेंटर पर छापा मारकर 3 युवतियों समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कैसे फंसा डॉक्टर?
पुलिस जांच में सामने आया कि सोनकर पारा, जूटमिल निवासी डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा को मार्च 2025 में सुनील नाम के व्यक्ति ने कॉल किया। स्पार्टन ट्रेड कंपनी में निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर व्हाट्सऐप पर फर्जी पोर्टफोलियो भेजा गया। 28 अप्रैल 2025 से 3 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग किस्तों में डॉक्टर से कुल ₹34,17,531 निवेश कराए गए। पोर्टफोलियो में बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता रहा, लेकिन जब रकम निकालने की बारी आई तो पैसा फंस गया और और निवेश करने का दबाव बनाया जाने लगा।
म्यूल अकाउंट का खेल खुला
दूसरे मामले में दिनांक 27 सितंबर 2026 को सूरज शर्मा पिता देवेंद्र शर्मा निवासी हिल व्यू कॉलोनी, जिंदल, रायगढ़ का आवेदन साइबर पुलिस थाना रायगढ़ को प्राप्त हुआ। आवेदन में बताया गया कि उसके पंजाब नेशनल बैंक खाते में 12 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच 18 बार में कुल ₹2,97,298 का लेनदेन हुआ था। रकम प्राप्त करने और नकद निकासी के बाद महाराष्ट्र, कर्नाटक तथा पंजाब राज्यों में शिकायतें होने पर उसका बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया। सूरज शर्मा ने खाते का साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाने तथा खाते पर लगी रोक हटाने के संबंध में पुलिस से जांच का अनुरोध किया और बैंक खाते का ट्रांजेक्शन विवरण प्रस्तुत किया।
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे तथ्य मिले, जिनसे सूरज शर्मा द्वारा अपना बैंक खाता साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए उपलब्ध कराने की आशंका सामने आई। बैंक ट्रांजेक्शन के अवलोकन में विवादित धनराशि में से गायत्री विश्वकर्मा, इंदौर के माध्यम से सूरज शर्मा को नकद और यूपीआई के जरिए कमीशन मिलने के तथ्य सामने आए।
पुलिस के अनुसार, बैंक खाते का म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ अर्जित करने की भूमिका पाए जाने पर दिनांक 30 सितंबर 2026 को अपराध क्रमांक 13/2026 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत सूरज शर्मा और गायत्री विश्वकर्मा के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
इंदौर कनेक्शन और छापेमारी
दोनों मामलों की सूक्ष्म विवेचना थाना प्रभारी सइबर निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में निरीक्षक विमल राय, एएसआई नंद कुमार सारथी द्वारा की जा रही है । विवेचना के दौरान पुलिस को एक कॉमन मोबाइल नंबर का उपयोग संदेही तनिषा पाटिल, इंदौर द्वारा किए जाने की जानकारी मिली। साथ ही सूरज शर्मा और इंदौर की गायत्री विश्वकर्मा के बीच संपर्क तथा कथित साइबर ठगी से संबंधित गतिविधियों के तथ्य सामने आए।
विवेचना में तनिषा पाटिल, गायत्री विश्वकर्मा और सूरज शर्मा के बीच कॉमन मोबाइल नंबर और लोकेशन का लिंक मिला। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक के नेतृत्व में टीम ने इंदौर रवाना होकर पलासिया के कॉल सेंटर में दबिश दी। पहले गायत्री और तनिषा पकड़ी गईं, फिर ज्योति मालवीय विजय नगर से और तरुण नागर परदेशीपुरा से गिरफ्तार हुआ। खरसिया में छुपा सूरज शर्मा भी धराया।
गिरफ्तार आरोपी:
- ज्योति मालवीय (20) – राजगढ़, वर्तमान विजय नगर इंदौर
- तनिषा पाटिल (21) – विजय नगर इंदौर
- तरुण नागर (23) – राजगढ़, वर्तमान नंदा नगर इंदौर
- गायत्री कुमारी विश्वकर्मा (21) – मूलतः रायगढ़, वर्तमान इंदौर
- सूरज शर्मा (21) – हिल व्यू कॉलोनी रायगढ़
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश
“साइबर अपराधी शेयर ट्रेडिंग में अत्यधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों की मेहनत की कमाई ठग रहे हैं। नागरिक किसी भी अनजान व्यक्ति या कंपनी के झांसे में आकर निवेश न करें। अपने बैंक खाते, सिम कार्ड और पहचान संबंधी दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। साइबर अपराधों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”

