कोरबा। कहते हैं गुरु का काम पढ़ाना है, लेकिन कोरबा के एक गुरुजी को पढ़ाई से ज्यादा नेतागिरी में मजा आने लगा। नतीजा, अब कुर्सी गई और कलम भी छूट गई। मामला कोरबा जिले के करतला ब्लॉक के मिडिल स्कूल कथरीमाल का है, जहां के शिक्षक प्रवीण कुमार डहरिया को सस्पेंड कर दिया गया है।
पत्नी हैं नगर पंचायत अध्यक्ष, पति बने उनके सियासी सारथी
दरअसल, प्रवीण डहरिया की पत्नी कविता डहरिया बलौदा नगर पंचायत की अध्यक्ष हैं और कांग्रेस से जुड़ी हैं। आरोप है कि शिक्षक जी स्कूल की घंटी भूलकर पत्नी के राजनीतिक कार्यक्रमों में फुल टाइम नेता बन गए। प्रशासनिक कामों में दखल, मंच पर सक्रियता, इसकी फोटो-वीडियो के साथ किसी ने शिकायत ठोंक दी।
शिक्षक के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वे राजनीतिक दल के कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं और प्रशासनिक तथा सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप कर रहे हैं। शिकायत के साथ कार्यक्रमों की तस्वीरें भी प्रस्तुत की गई थीं।
मजे की बात यह है कि प्रवीण डहरिया की पत्नी कविता डहरिया बलौदा याने जांजगीर जिले में नगर पंचायत अध्यक्ष है और प्रवीण की पदस्थापना कोरबा जिले में है। ऐसे में जब वे अपनी पत्नी के कार्यक्षेत्र में व्यस्त रहते हैं तब कोरबा के उनके स्कूल के बच्चों की पढ़ाई बाधित होना स्वाभाविक है। ऐसा कब से हो रहा था पता नहीं, मगर जब शिकायत हुई तब प्रवीण डहरिया के ऊपर गाज गिर ही गई।
मामले की शिकायत पहुंची कोरबा DEO टी.पी. उपाध्याय के पास। जांच हुई तो शिकायत सही निकली। 15 अक्टूबर को DEO ने फाइल संयुक्त संचालक अश्वनी भारद्वाज को भेजी और निलंबन का आदेश जारी हो गया।
अब BEO दफ्तर में कटेगा समय
निलंबन के दौरान प्रवीण डहरिया का मुख्यालय करतला BEO ऑफिस कर दिया गया है। यानी अब ना स्कूल, ना मंच, दिन भर बाबूगिरी।
शिक्षा विभाग का साफ संदेश है – सरकारी नौकरी करनी है तो राजनीति से दूरी रहो। मास्टर साहब की नेतागिरी अब महंगी पड़ गई है।

