Unemployed youths swindled under the guise of securing jobUnemployed youths swindled under the guise of securing job

gang that defrauded youths: पुलिस विभाग में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। फरसगांव और कोंडागांव पुलिस ने बस्तर फाइटर एवं जिला बल में भर्ती दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 15 पीड़ितों से 25 से 30 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

कैसे फंसाते थे बेरोजगार युवाओं को ?

आरोपी पहले अभ्यर्थियों से शैक्षणिक, निवास, जाति प्रमाण पत्र और दस्तावेज लेते थे। फिर उच्च अधिकारियों से पहुंच का दावा कर एडवांस राशि वसूलते थे, बाकी पैसा नौकरी लगने के बाद देने को कहते थे। कई महीनों तक युवाओं को नियुक्ति पत्र का झांसा देते रहे।

SP के निर्देश पर 3 महीने तक चली जांच

एसपी पंकज चंद्रा के निर्देशन में टीम ने 3 महीने तक बैंक खातों, लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। लोकेशन ट्रेस कर टीम ने बिलासपुर निवासी मुख्य आरोपी शत्रुघ्न टंडन और ग्राम भर्रीपारा थाना फरसगांव निवासी बुध सिंह मरकाम को गिरफ्तार किया। मोबाइल, पीड़ितों के दस्तावेजों की फाइल, डायरी और रजिस्टर जब्त किए गए।

4 थानों में 4 FIR, 14 लाख तक एक ही केस में ठगी

  • फरसगांव – यशवंत नेताम (पतोडा): धारा 420, 34 – 7 अभ्यर्थियों से 14 लाख
  • फरसगांव – पंचू राम कोर्राम (आलोर): धारा 318(4), 3(5) BNS – 3 लाख
  • केशकाल – जगदीश मंडावी (खेतरपाल): धारा 318(4), 3(5) BNS – 5 लाख
  • कोंडागांव कोतवाली – सूरज लाल नेताम (गहिरबहार): धारा 318(4) BNS – 3 लाख

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सवाल 1. क्या मामला है?
जवाब: बस्तर फाइटर और जिला बल में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, 15 लोगों से 25-30 लाख वसूले।

सवाल 2. आरोपी कौन हैं?
जवाब: शत्रुघ्न टंडन (बिलासपुर) और बुध सिंह मरकाम (भर्रीपारा, फरसगांव)।

सवाल 3. कैसे पकड़े गए?
जवाब: SP पंकज चंद्र के निर्देश पर 3 महीने बैंक खाते और तकनीकी साक्ष्यों की जांच, लोकेशन से गिरफ्तारी।

You missed

error: Content is protected !!