सिंगरौली। मध्यप्रदेश सरकार ने दो-संतान नीति के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए सिंगरौली में पदस्थ उप-पंजीयक अशोक सिंह परिहार को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से सेवाएं समाप्त की गईं।

क्या है पूरा मामला

जांच में सामने आया कि शासकीय सेवा के दौरान अशोक सिंह परिहार की तीसरी संतान का जन्म 19 नवंबर 2003 को हुआ था। यह मध्यप्रदेश सरकार की दो-संतान नीति और सेवा नियमों के खिलाफ है।

विभागीय जांच अधिकारी ने आरोपों को प्रमाणित माना। इसके बाद महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय ने कार्रवाई की।

किन नियमों के तहत कार्रवाई

महानिरीक्षक पंजीयन ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सामान्य शर्तें) नियम 1961 और मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत अशोक सिंह परिहार की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया।

प्रशासनिक हलकों में चर्चा

आदेश के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार अब सेवा नियमों के पालन को लेकर बेहद सख्त है। नियम तोड़ने वालों पर सीधी बर्खास्तगी जैसी कठोर कार्रवाई की जा रही है।

क्या है दो-संतान नियम

MP में शासकीय सेवा में 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संतान होने पर सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य माना जाता है। यह नियम पंचायत से लेकर राज्य सेवा तक लागू है।

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