राजनांदगांव/ गढ़चिरौली। नक्सली समस्या से मुक्ति के दावे के बीच महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के अंदरूनी इलाकों में पुलिस को कथित रूप से नक्सल बैनर-पोस्टर मिले हैं। नक्सल शहीद सप्ताह मनाने से कुछ दिन पहले मिले नक्सल बैनर-पोस्टर को पुलिस ने जब्त किया है। पुलिस पर्चे और बैनर की सत्यता की जांच कर रही है।
मीडिया से चर्चा में गढ़चिरौली एसपी एम. रमेश ने दावा किया है कि प्रथम दृष्टया मामला नक्सलियों की आड़ में असामाजिक तत्वों की करतूत लगती है। साथ ही पुलिस ने नक्सल समर्थकों की भूमिका होने से स्पष्ट इन्कार नहीं किया है।
मिली जानकारी के मुताबिक भामरागढ़ तहसील के हिदुर-डोबुर मुख्य मार्ग पर पुलिस को नक्सलियों द्वारा फेंके गए बैनर और पर्चे मिले हैं। इसी के साथ नक्सली गतिविधि कथित तौर पर शुरू होने से सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई है। इस बीच गढ़चिरौली पुलिस ने बैनर-पोस्टर की असलियत जानने के लिए जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पुलिस इन बिन्दुओं पर जांच कर रही है। जिसमें असामाजिक तत्वों की हरकत, नक्सल समर्थकों की भूमिका और ग्रामीणों की दिलचस्पी शामिल है।
बताया जा रहा है कि नक्सलियों द्वारा फेंके गए बैनर-पोस्टर में शहीद सप्ताह मनाने की अपील का उल्लेख है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बैनर और पर्चे कहां और कब लगाए गए हैं और साथ ही किन लोगों की इसमें भूमिका है।
ज्ञात हो कि नक्सलियों के पूर्ण सफाए से पहले हर साल 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीद सप्ताह मनाया जाता था। नक्सलियों के खात्मे के बाद यह पहला अवसर है जब शहीद सप्ताह मनाने की तारीख नजदीक है। ऐसे में गढ़चिरौली में मिले बैनर-पोस्टर को पुलिस ने जांच के दायरे में लिया है।
नक्सली हर साल मनाते थे शहीद सप्ताह
बता दें कि नक्सलियों के पूर्ण सफाए से पहले हर साल 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीद सप्ताह मनाया जाता था। नक्सलियों के खात्मे के बाद यह पहला मौका है जब शहीद सप्ताह की तारीख नजदीक है। ऐसे में गढ़चिरौली में मिले बैनर-पोस्टर को पुलिस ने गंभीरता से लिया है।
FAQ: गढ़चिरौली में नक्सल बैनर-पर्चे
सवाल 1. गढ़चिरौली में कहां मिले नक्सल बैनर-पर्चे?
भामरागढ़ तहसील के हिदुर-डोबुर मुख्य मार्ग पर पुलिस को बैनर और पर्चे मिले हैं।
सवाल 2. बैनर-पर्चे में क्या लिखा था?
बैनर-पोस्टर में 28 जुलाई से 3 अगस्त तक नक्सल शहीद सप्ताह मनाने की अपील का उल्लेख है।
सवाल 3. पुलिस क्या कह रही है?
गढ़चिरौली एसपी एम. रमेश के अनुसार प्रथम दृष्टया यह असामाजिक तत्वों की करतूत लगती है। साथ ही नक्सल समर्थकों की भूमिका से भी इनकार नहीं किया गया है।
सवाल 4. पुलिस आगे क्या कार्रवाई कर रही है?
पुलिस बैनर-पर्चे की सत्यता जांच रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इन्हें किसने और कब लगाया। क्षेत्र में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
सवाल 5. शहीद सप्ताह क्या होता है?
पहले नक्सली हर साल 28 जुलाई से 3 अगस्त तक अपने मारे गए साथियों की याद में शहीद सप्ताह मनाते थे। इस दौरान वे बैनर, पोस्टर और बंद का आह्वान करते थे।

