Fake Vyapam Order Case: रायपुर ग्रामीण पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार पर बड़ी गाज गिरी है। यहां ट्रेनी सब इंस्पेक्टर महेश कुमार ओगरे को SP श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। ओगरे के ऊपर व्यापमं भर्ती परीक्षा के फर्जी आदेश की जांच के नाम पर कोचिंग संचालक से 1 लाख की रिश्वत मांगने और 80 हजार वसूलने का गंभीर आरोप है।
क्या है पूरा मामला?
थाना राखी में अपराध क्रमांक 10/2026 दर्ज हुआ था। आरोप था कि व्यापमं भर्ती परीक्षा से जुड़ा एक फर्जी आदेश कोचिंग संचालक के वॉट्सएप ग्रुप में शेयर हुआ है। व्यापमं के नियंत्रक हिमांशु अग्रवाल को 25 जनवरी को संयुक्त नियंत्रक केदार पटेल के माध्यम से जानकारी मिली कि सहायक शिक्षक एवं व्याख्याता भर्ती परीक्षा-2026 से संबंधित एक फर्जी परीक्षा निर्देश वाट्सएप और इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किए गए थे। जिसकी जांच की जा रही थी।
पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच की जिम्मेदारी ट्रेनी SI महेश ओगरे को मिली। आरोप है कि ओगरे ने कोचिंग संचालक को कार्रवाई का डर दिखाकर 1 लाख रुपये की मांग की। डर के मारे संचालक ने 80 हजार रुपये दे भी दिए।
जब पता चला भूमिका ही नहीं, फिर भी ले ली रिश्वत
बाद में कोचिंग संचालक को पता चला कि फर्जी आदेश जारी करने में उसकी कोई भूमिका ही नहीं है। इसके बावजूद SI ने उससे 80 हजार रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद संचालक ने ग्रामीण पुलिस के उच्च अधिकारियों से शिकायत की। SP श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लेकर जांच के आदेश दिए। जांच में रिश्वत मांगने और दबाव बनाकर वसूली का आरोप सही पाया गया।
निलंबन आदेश में क्या लिखा है?
24 अगस्त अपरान्ह को जारी निलंबन आदेश में लिखा है:
“परि. उप निरीक्षक महेश कुमार ओगरे द्वारा थाना राखी के अपराध क्रमांक 10/2026 की विवेचना में जबरन दबाव बनाकर अवैध वसूली/पैसे ऐंठने संबंधी शिकायत में प्रथम दृष्टया पुलिस विभाग की निष्पक्ष कार्यप्रणाली के अनुरूप आचरण प्रदर्शित नहीं करने एवं अपने पद का अनुचित उपयोग पाया गया, जो गंभीर कदाचरण का परिचायक है।”
SI को निलंबित कर पुलिस लाइन रायपुर ग्रामीण में संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में मुख्यालय पुलिस लाइन रहेगा और नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा।
जांच में सामने आएगा किसकी कितनी भूमिका
अब एडिशनल एसपी चंचल तिवारी पूरे मामले की जांच करेंगी। जांच के दौरान फर्जी आदेश तैयार करने, प्रसारित करने और कथित वसूली से जुड़े सभी पहलुओं को अलग-अलग खंगाला जाएगा। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि प्रकरण में अब तक हुई जांच सही दिशा में थी या नहीं।
FAQ: ट्रेनी सब इंस्पेक्टर निलंबित
सवाल 1. रायपुर में किस सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया है और क्यों?
जवाब: ट्रेनी सब इंस्पेक्टर महेश कुमार ओगरे को सस्पेंड किया गया है। उन पर व्यापमं फर्जी आदेश की जांच में कोचिंग संचालक से 1 लाख की रिश्वत मांगने और 80 हजार वसूलने का आरोप है।
सवाल 2. व्यापमं फर्जी आदेश का मामला क्या था?
जवाब: व्यापमं भर्ती परीक्षा का एक फर्जी आदेश कोचिंग संचालक के वॉट्सएप ग्रुप में शेयर हुआ था, जिस पर थाना राखी में अपराध क्रमांक 10/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
सवाल 3. रिश्वत का पूरा मामला कैसे सामने आया?
जवाब: SI ने कार्रवाई का डर दिखाकर 1 लाख मांगे, संचालक ने 80 हजार दे दिए, बाद में पता चला कि उसकी कोई भूमिका ही नहीं है, फिर भी पैसे ले लिए गए, तब संचालक ने SP से शिकायत की।
सवाल 4. SP श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने क्या कार्रवाई की है?
जवाब: शिकायत को गंभीर मानते हुए SP ने जांच कराई, आरोप सही मिलने पर 24 अगस्त अपरान्ह को SI को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन रायपुर ग्रामीण अटैच कर दिया।
सवाल 5. निलंबन आदेश में क्या कहा गया है?
जवाब: आदेश में कहा गया कि SI ने निष्पक्ष कार्यप्रणाली के अनुरूप आचरण नहीं किया और पद का अनुचित उपयोग कर अवैध वसूली की, जो गंभीर कदाचरण है, निलंबन अवधि में सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

