रायपुर। सरकारी शराब दुकानों में MRP से ज्यादा कीमत पर शराब बेचने के मामले में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अफसरों के स्टिंग में ओवररेटिंग पकड़ी गई। रिपोर्ट के बाद 3 आबकारी सब इंस्पेक्टर निलंबित कर दिए गए हैं। 5 जिला आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है।

इन पर गिरी गाज

आबकारी आयुक्त पी.एस. एल्मा के आदेश पर:
1. निलंबित: हरीश पटेल, सब इंस्पेक्टर दुर्ग उत्तर क्षेत्र
2. निलंबित: ओमप्रकाश, सब इंस्पेक्टर भानुप्रतापपुर
3. निलंबित: अनिल गुप्ता, सब इंस्पेक्टर अंबिकापुर

आरोप है कि इनके कार्यक्षेत्र की दुकानों में कर्मचारी ओवररेट पर शराब बेच रहे थे।

5 अफसरों को नोटिस

शो-कॉज नोटिस पाने वाले अफसर:

1. सी.आर. साहू, जिला आबकारी अधिकारी दुर्ग
2. धीरज कनौजिया, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दुर्ग
3. मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी कांकेर
4. लक्ष्मीकांत गायकवाड़, जिला आबकारी अधिकारी सरगुजा
5. शीला बड़ा, सहायक जिला आबकारी अधिकारी सरगुजा
सभी को एक हफ्ते में जवाब देना है।

ग्राहक बनकर किया स्टिंग

आबकारी अफसरों ने खुद ग्राहक बनकर दुकानों से शराब खरीदी। कई जगह MRP से ज्यादा वसूली पकड़ी गई। ओवररेटिंग करने वाले दुकान कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई है।

‘छोटी मछलियों पर होती है कार्रवाई’

छत्तीसगढ़ में शराब दुकानें सरकार चलाती है और स्टाफ प्लेसमेंट एजेंसी से रखा जाता है। सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर जिलों में संगठित तरीके से ओवररेटिंग होती है। दुकान के सेल्समैन पर प्लेसमेंट एजेंसी के सुपरवाइजर दबाव बनाते हैं। हर बार औचक निरीक्षण में सेल्समैन या मल्टी वर्कर ही फंसते हैं। प्लेसमेंट कंपनी के बड़े अधिकारी बच निकलते हैं। मांग उठ रही है कि ओवररेटिंग रोकने के लिए प्लेसमेंट एजेंसी के जिला प्रमुखों पर भी कार्रवाई हो।

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