मुंगेली। सिर्फ 8-9 वोटों से सरपंच चुनाव हारने का बदला लेने के लिए एक हारे हुए प्रत्याशी ने ऐसी खौफनाक साजिश रची कि पूरा जिला सिहर उठा। ग्राम पेण्ड्री ‘स’ के तुलसी साहू की हत्या कोई सामान्य वारदात नहीं, बल्कि सुनियोजित सुपारी किलिंग थी, जिसमें हारे प्रत्याशी ने 1 लाख 20 हजार में तुलसी की जान का सौदा कर डाला। मुंगेली पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
वोट निरस्त होने का शक बना मौत की वजह
साल 2025 में ग्राम पेण्ड्री ‘स’ में सरपंच चुनाव हुआ। धनीराम साहू (40 वर्ष) मात्र 8-9 वोटों से चुनाव हार गया, जबकि झुलुराम वर्मा सरपंच बन गए। मतगणना के दौरान तुलसी साहू झुलुराम का मतगणना अभिकर्ता था।
धनीराम को शक था कि तुलसी ने जानबूझकर उसके समर्थकों के वोट निरस्त करवा दिए, तभी वो हारा है। बस इसी शक ने उसके मन में ऐसी रंजिश भर दी कि उसने तुलसी को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। साल भर तक वह मौके की तलाश में रहा और आखिरकार 25 अक्टूबर 2026 को उसने अपनी साजिश को अंजाम दे दिया।
1.20 लाख में तय हुआ अपहरण का सौदा, 70 हजार एडवांस दिया
पुलिस के मुताबिक मुख्य साजिशकर्ता धनीराम साहू ने अपने साले भुवन साहू (28) के साथ मिलकर प्लान बनाया। हत्या को अंजाम देने के लिए ओमनारायण राजपूत (25) के जरिए कोटा के शातिर सुरेंद्र जोशी (25) से संपर्क किया।
इस दौरान तुलसी के अपहरण के लिए 1.20 लाख रुपये में डील फाइनल हुई। धनीराम ने 70 हजार रुपये एडवांस में दे दिए। प्लान था – पहले तुलसी का अपहरण कर स्टाम्प पेपर पर लिखवाना कि “मैंने मतगणना में गड़बड़ी की थी”, उसका वीडियो बनाना, फिर उसकी हत्या कर देना ताकि चुनाव में हार का बदला और इज्जत दोनों वसूल हो जाए।
कार से किडनैप, पंप हाउस में गला घोंटा, शव कीचड़ में फेंका
25 अक्टूबर शाम 7 बजे तुलसी साहू अपनी बाइक से दीदी के घर जा रहा था। जय भोलेनाथ राइस मिल के पास सुनसान सड़क पर सुरेंद्र जोशी अपने साथी कुणाल बक्शी और 3 अन्य के साथ कार CG 10 CE 2075 में पहले से घात लगाए बैठा था। तुलसी को रोककर जबरन कार में ठूंस लिया गया।
इसके बाद सभी आरोपी मनियारी-सरगांव के पास मिले। तुलसी को टीकाराम साहू (53) के खेत के ट्यूबवेल पंप हाउस में ले जाया गया। वहां डरा-धमकाकर 100 रुपये के स्टाम्प पर जबरन लिखवाया गया कि उसने चुनाव में धांधली की है और मोबाइल से वीडियो भी बनाया गया।
इसके बाद धनीराम और भुवन ने पंप हाउस में पड़े बिजली के तार से तुलसी के दोनों पैर बांधे और गमछे से गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी।
हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को मोटरसाइकिल पर लादकर गणेश मिनरल्स के पास सड़क किनारे गंदे नाले के कीचड़ और कांटेदार झाड़ियों में फेंककर छिपा दिया। जूते, जैकेट, चार्जर पोल्ट्री फार्म में छिपाए, मोबाइल खेत में फेंका और गमछा जला दिया।
दो दिन बाद मिला शव, ऐसे खुला राज
26 अक्टूबर को परिजनों को बाइक राइस मिल के पास मिली और आगे कीचड़ में शव पड़ा मिला। सरगांव पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया तो गला घोंटकर हत्या और पैर बंधे होने का खुलासा हुआ।
मामले की गंभीरता देख IG बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देश और SSP मुंगेली भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में Addl SP डॉ. प्रशांत शुक्ला और DSP हरविंदर सिंह के नेतृत्व में सरगांव थाना व साइबर सेल की टीम बनी। तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ में पूरा सुपारी किलिंग का जाल सामने आ गया।
गिरफ्तार आरोपी और जब्ती
- धनीराम साहू (मुख्य साजिशकर्ता)
- भुवन साहू (साला)
- ओमनारायण राजपूत (बिचौलिया)
- सुरेंद्र जोशी (सुपारी किलर)
- टीकाराम साहू (पंप हाउस मालिक)
आरोपियों से हत्या में इस्तेमाल बिजली का तार, मृतक के जूते-जैकेट, मोबाइल, स्टाम्प पेपर, वीडियो, बाइक, कार और सुपारी के बचे 10 हजार रुपये जब्त किए गए हैं। पुलिस ने हत्या, साक्ष्य छिपाने के साथ अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं जोड़ी हैं। फरार कुणाल बक्शी सहित 3 अन्य की तलाश जारी है।

