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रायपुर/गरियाबंद। बस्तर के जंगलों में नक्सलियों ने सिर्फ हथियार और बारूद ही नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये का कैश भी जमीन में गाड़ रखा है। सुरक्षा बलों की लगातार सर्चिंग में हथियारों के साथ नोटों के बंडल भी मिल रहे हैं। इसी बीच एक चौंकाने वाला मामला गरियाबंद से सामने आया है, जहां आत्मसमर्पण कर चुकी दो खूंखार महिला नक्सली पुनर्वास कैंप से निकलकर सीधे जंगल में गड़ा अपना खजाना खोदने पहुंच गईं और 21 लाख लेकर लौटते वक्त पुलिस के हत्थे चढ़ गईं।

पुलिस का कहना है कि सरेंडर करने वाले कई नक्सली अपनी पुरानी पोटली (डंप) की जानकारी पुलिस से छिपा रहे हैं, ताकि मौका मिलते ही उसे निकाल सकें।

कैसे पकड़ी गईं महिला कमांडर?

मैनपुर थाना क्षेत्र के राजाडेरा जंगल में नक्सलियों ने 2024 में नक्सली कमांडर चलपति ने 21 लाख रुपये टिफिन में भरकर जमीन में गाड़ दिए थे। ये पैसा ठेकेदारों और ग्रामीणों से लेवी के नाम पर वसूला गया था।

मुखबिर से सूचना मिली कि जंगल में कुछ लोग जमीन खोद रहे हैं। मैनपुर पुलिस ने राजाडेरा पहाड़ी के पास घेराबंदी की। जंगल से काला बैग लेकर लौट रही तीन लोगों ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने दबोच लिया। बैग खोलते ही टिफिन में रखे 500-500 के बंडलों में 21 लाख कैश मिला।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

  1. सिंगे उर्फ रोशनी, सुकमा – नक्सली कमांडर चलपति की पर्सनल गार्ड रह चुकी है।
  2. बुधरी मुचाकी उर्फ बुदरी/सोनी, सुकमा – सीनापाली दलम की पूर्व कमांडर।
  3. नोहर मरकाम, भुतबेड़ा, मैनपुर – नक्सलियों का ओवरग्राउंड सहयोगी।

पुलिस पूछताछ में दोनों महिला नक्सलियों ने कबूला कि उन्होंने शासन की पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर तो कर लिया था, लेकिन मकसद था कि पुलिस की नजर से बचकर जंगल में गड़ा अपना पैसा निकाल लें। इसी के लिए उन्होंने पुराने साथी नोहर मरकाम को साथ लिया।

बस्तर के जंगलों में और कितना खजाना गड़ा है?

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, बस्तर संभाग के नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और गरियाबंद-ओडिशा बॉर्डर के जंगलों में नक्सलियों के सैकड़ों डंप आज भी जमीन में गड़े हैं। एक अनुमान के मुताबिक पिछले 15 सालों में नक्सलियों ने लेवी से 500 करोड़ से ज्यादा जुटाया है, जिसका बड़ा हिस्सा जंगलों में टिफिन, प्रेशर कुकर और प्लास्टिक के ड्रमों में गाड़ा गया है।

अब तक 2 करोड़ नगर और हथियार बरामद

पिछले एक साल में ही सुरक्षा बलों ने 2 करोड़ से ज्यादा कैश, 300 से ज्यादा हथियार और 5 हजार किलो बारूद के डंप बरामद किए हैं। कई डंप बारिश में खराब भी हो जाते हैं, इसलिए सरेंडर नक्सली जल्दी-जल्दी उन्हें निकालने की कोशिश में हैं।

पुलिस ने किया केस दर्ज

पुलिस ने तीनों के खिलाफ BNS धारा 308(2), 61(2) और UAPA की धारा 17, 18, 20, 38, 40 के तहत केस दर्ज कर विवेचना शुरू की है। साथ ही पूछताछ में और डंप की लोकेशन पता करने की कोशिश की जा रही है।

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