नई दिल्ली। देश में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हो रही साइबर ठगी बेलगाम हो गई है, इसी को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा और अहम प्रयास शुरू किया है। कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई की और साफ संकेत दिया – अब बैंक अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा, ग्राहक के पैसे की सुरक्षा सबसे पहले बैंक की जिम्मेदारी है।
कोर्ट का बड़ा ऐलान – लापरवाही हुई तो जेब से भरेगा बैंक
सुप्रीम कोर्ट ने प्रस्ताव दिया है कि RBI जो नए KYC सुधार नियम 2026 ला रहा है, उनमें पीड़ित के हित में सबसे कड़ा प्रावधान जोड़ा जाए। कोर्ट का मानना है कि अगर जांच में यह साबित होता है कि बैंक ने सतर्कता नहीं बरती, संदिग्ध गतिविधि को अनदेखा किया, तो नुकसान की पूरी भरपाई उसी बैंक को करनी होगी, वो भी नुकसान से ज्यादा। यह नियम 30 नवंबर 2026 तक नोटिफाई और 31 दिसंबर 2026 से लागू करने की तैयारी है।
निजात कैसे मिलेगी? सुप्रीम कोर्ट का 3-लेवल सुरक्षा प्लान
ठगी से निजात दिलाने के लिए कोर्ट ने बैंकों के लिए तीन स्तरीय फॉर्मूला सुझाया है –
पहला – लेनदेन पर ब्रेक: यदि किसी खाते में अचानक उसके इतिहास से बिल्कुल अलग बड़ी रकम का लेनदेन हो, तो बैंक सिस्टम खुद ही उस पेमेंट को फौरन होल्ड कर दे।
दूसरा – ऑटो अलर्ट टू पुलिस: होल्ड के साथ ही बैंक के सर्वर से नजदीकी पुलिस थाने को ऑटोमेटिक अलर्ट पहुंचेगा, ताकि पुलिस तुरंत एक्शन ले सके।
तीसरा – फिजिकल वेरिफिकेशन: सिर्फ ऑनलाइन नहीं, बैंक कर्मी को फिजिकली जांच करनी होगी कि लेनदेन असली ग्राहक कर रहा है या कोई ठग।
कोर्ट ने RBI को आदेश दिया है कि अगली पेशी पर देश के सभी रजिस्टर्ड बैंकों और वित्तीय संस्थानों की लिस्ट पेश करे, ताकि एक ही आदेश सब पर लागू हो।
800 करोड़ का चूना और म्यूल अकाउंट का जाल
कोर्ट में बताया गया कि सिर्फ इसी साल म्यूल अकाउंट्स के जरिए करीब 800 करोड़ रुपये की ठगी हो चुकी है। म्यूल अकाउंट यानी दूसरों के नाम पर खोले गए या किराए पर लिए गए खाते, जिनमें ठगी का पैसा घुमाया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने RBI को इन्हें जड़ से बंद करने को कहा है। इधर व्हाट्सएप ने कोर्ट को बताया – हमने डिजिटल अरेस्ट से जुड़े 9,400 फर्जी अकाउंट्स को हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया है।
सभी राज्यों को नोटिस – FIR का हिसाब दो
एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को बताया कि शिकायतें रुक नहीं रही हैं। इस पर कोर्ट ने सभी राज्यों की पुलिस से कहा है – बताओ अब तक डिजिटल अरेस्ट की कितनी FIR दर्ज हुईं, जांच कहां तक पहुंची और रोकथाम के लिए क्या किया। कोर्ट ने कहा, 4 अगस्त 2026 को दिए गए अंतरिम आदेशों के बाद अब पीड़ितों को पैसा वापस दिलाने और खाते फ्रीज करने का मजबूत सिस्टम बनाया जा रहा है।

