पूजा के अवसर पर सड़कों को बाधित करना किस तरह नुकसानदायक हो सकता है इसका नमूना अंबिकापुर शहर में देखने को मिला जहां देर रात एक धार्मिक कार्यक्रम के लिए सड़क पर बांधी गई रस्सी की चपेट में आने से बुलेट सवार युवक की जान चली गई। हादसे में उसके साथ बाइक पर सवार एक अन्य युवक भी घायल हो गया। मृतक की पहचान मायापुर निवासी फैजान आलम के रूप में हुई है।
घटना के बाद मृतक के परिजनों और मुस्लिम समुदाय के लोगों में नाराजगी फैल गई। बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आयोजन समिति के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस तरह हुआ हादसा
जयस्तंभ चौक से अग्रसेन चौक के बीच सड़क पर बांस लगाकर रस्सी बांधी गई थी, आगे ट्रैफिक बैरिकेड भी था। रात में अग्रसेन चौक की तरफ से बुलेट पर आ रहे फैजान को अंधेरे में रस्सी दिखाई नहीं दी। तेज रफ्तार बाइक सीधे रस्सी से टकराई और रस्सी गले में फंसने से दोनों सड़क पर गिर पड़े। दोनों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने फैजान को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि जिस जगह रस्सी बांधी गई थी वहां पर्याप्त लाइट नहीं थी और न ही कोई रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। मृतक के भाई ने दावा किया कि टेंट का बांस टूटने से बिजली के तार की चपेट में आने से करंट भी लगा।
हादसे के बाद थाने का हुआ घेराव
फैजान की मौत की खबर फैलते ही जयस्तंभ चौक पर भीड़ जमा हो गई, लोगों ने जगराता बंद करा दिया। आक्रोशित परिजन और मुस्लिम समुदाय के लोग थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने पूजा आयोजन समिति के सुरेश कन्नौजिया, संदीप अग्रवाल समेत अन्य के खिलाफ BNS की धारा 106(1) (लापरवाही से मौत), 125(A) और 3(5) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हाईकोर्ट के प्रतिबंध के बाद भी सड़क पर लग रहे पंडाल
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने धार्मिक आयोजनों के लिए सड़क बाधित करने पर स्पष्ट प्रतिबंध लगा रखा है। बावजूद इसके अंबिकापुर समेत कई शहरों में सड़कों पर पूजा पंडाल बन रहे हैं। प्रशासन सिर्फ समझाइश देकर खानापूर्ति कर रहा है, जिसका खामियाजा फैजान जैसे निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
पुलिस का कहना है कि सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही और करंट लगने के दावे सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

