गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिला पंचायत CEO मुकेश रावटे ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत परासी, जनपद मरवाही के तत्कालीन पंचायत सचिव ओंकार सिंह मरावी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

ग्राम पंचायत परासी में जिला खनिज न्यास (DMF) मद से पूर्व माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए 40% राशि के रूप में 7 लाख 96 हजार रुपये की प्रथम किस्त जारी की गई थी। राशि आहरित करने के बाद काम पूरा नहीं किया गया।

मूल्यांकन में खुला गड़बड़झाला

उप अभियंता और SDO ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मरवाही के मूल्यांकन में सिर्फ 1 लाख 86 हजार 436 रुपये का ही कार्य होना पाया गया, जबकि 6 लाख 9 हजार 564 रुपये के समतुल्य कार्य मौके पर नहीं मिला।

वसूली में लापरवाही, नोटिस की अनदेखी

इस मामले में पूर्व सरपंच कुसुमलता मरावी और सचिव से 3 लाख 4 हजार 782 रुपये की वसूली शेष है। कार्यालयीन पत्र क्र. 1901 दिनांक 13 अगस्त 2026 से राशि जमा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन 31 अगस्त 2026 तक सचिव ने राशि जमा नहीं की। इसे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना गया।

किस नियम के तहत निलंबन?

आदेश में कहा गया है कि यह कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम 3(1) के विपरीत है। इसलिए छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन तथा अपील नियम 1999 के नियम 4 के तहत निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत मरवाही कार्यालय रहेगा। उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे और जांच में सहयोग करना होगा।

FAQ: घोटाले में शामिल सचिव निलंबित 

सवाल 1. पेंड्रा में कौन निलंबित हुआ है?

जवाब: ग्राम पंचायत परासी, जनपद मरवाही के तत्कालीन पंचायत सचिव ओंकार सिंह मरावी को जिला पंचायत CEO मुकेश रावटे ने तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

सवाल 2. निलंबन की वजह क्या है?

जवाब: DMF मद से स्कूल भवन के लिए 7.96 लाख रुपये जारी हुए थे, पर जांच में सिर्फ 1.86 लाख का काम मिला। 6.09 लाख के काम का अता-पता नहीं था और वसूली नोटिस के बाद भी राशि जमा नहीं की गई।

सवाल 3. कितनी राशि की वसूली बाकी है?

जवाब: पूर्व सरपंच कुसुमलता मरावी और सचिव से कुल 3 लाख 4 हजार 782 रुपये की वसूली शेष है।

सवाल 4. किस नियम के तहत कार्रवाई हुई?

जवाब: छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम 3(1) के उल्लंघन पर, अनुशासन तथा अपील नियम 1999 के नियम 4 के तहत निलंबन किया गया है।

सवाल 5. निलंबन के बाद सचिव कहां रहेंगे?

जवाब: निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत मरवाही रहेगा, जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ नहीं सकेंगे।

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