Justice Krushna Ram Mohapatra: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को जल्द नया मुख्य न्यायाधीश मिलने वाला है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ओडिशा हाईकोर्ट के जज जस्टिस कृष्ण राम महापात्र को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की है।

मौजूदा चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा 4 सितंबर 2026 को रिटायर हो रहे हैं। इसी को देखते हुए कॉलेजियम ने 6 अगस्त 2026 को हुई बैठक में जस्टिस महापात्र के नाम पर मुहर लगाई।

कौन हैं जस्टिस कृष्ण राम महापात्र?

जस्टिस महापात्र वर्तमान में ओडिशा हाईकोर्ट में न्यायाधीश के पद पर कार्यरत हैं। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार की प्रक्रिया और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उनकी नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी होगा और वे बिलासपुर में पदभार संभालेंगे।

छत्तीसगढ़ के जस्टिस अग्रवाल राजस्थान जाएंगे

इसी बैठक में कॉलेजियम ने एक और बड़ा फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई है। प्रक्रिया में देरी होने तक उन्हें तुरंत राजस्थान ट्रांसफर करने का प्रस्ताव भी दिया गया है, ताकि वे वहां सीनियर जज के रूप में कार्यभार संभाल सकें।

जस्टिस अग्रवाल छत्तीसगढ़ के एडवोकेट जनरल रह चुके हैं। सितंबर 2013 में अपर जज और मार्च 2016 में स्थायी जज बने थे।

सीजी के एडवोकेट जनरल रह चुके हैं अग्रवाल

जस्टिस अग्रवाल वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज हैं। सितंबर 2013 में उन्हें हाईकोर्ट का अपर जज नियुक्त किया गया था और मार्च 2016 में वह स्थायी जज बने। हाईकोर्ट में नियुक्ति से पहले वह छत्तीसगढ़ के एडवोकेट जनरल रह चुके हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट में चल रहे घटनाक्रम के बीच सिफारिश

कॉलेजियम का यह कदम राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को लेकर चल रहे घटनाक्रम के बीच सामने आया है। जयपुर और जोधपुर दोनों बेंचों के वकील उनके खिलाफ विरोध कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने हाल ही में CJI सूर्यकांत को पत्र लिखकर जस्टिस शर्मा को राजस्थान से ट्रांसफर करने और किसी अन्य हाईकोर्ट से नियमित चीफ जस्टिस नियुक्त करने की मांग की थी। जस्टिस मेहता ने कार्यवाहक चीफ जस्टिस द्वारा प्रशासनिक शक्तियों के इस्तेमाल और मामलों की लिस्टिंग को लेकर आरोप लगाए

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर और जोधपुर बेंच के वकील भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और जस्टिस शर्मा को कार्यवाहक चीफ जस्टिस के प्रभार से हटाने की मांग कर रहे हैं।

जस्टिस शर्मा ने न्यायिक कार्य से खुद को अलग किया

इस बीच, जस्टिस शर्मा ने रविवार को खुद को न्यायिक कार्य से अलग कर लिया। उनके द्वारा तय किए गए नए रोस्टर में 1 सितंबर से 5 सितंबर तक कार्यवाहक चीफ जस्टिस के लिए किसी नियमित न्यायिक बैठक का प्रावधान नहीं किया गया है। पहले उनकी बेंच को सौंपे गए मामलों को अब अन्य बेंचों में आवंटित कर दिया गया है।

कॉलेजियम की 31 अगस्त की 3 बड़ी सिफारिशें

कॉलेजियम ने 31 अगस्त 2026 को हुई बैठक में तीन हाईकोर्ट के लिए नामों की सिफारिश की है:

  1. जस्टिस संजय के. अग्रवाल* (CG हाईकोर्ट) – राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस
  2. जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे* (गुजरात हाईकोर्ट) – मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस
  3. जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी (राजस्थान हाईकोर्ट) – जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस

गौरतलब है कि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार की प्रक्रिया और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नियुक्ति औपचारिक रूप से पूरी होती है।

error: Content is protected !!