कोरबा। छुट्टी रिजेक्ट होने के बाद भी विदेश यात्रा पर निकलना एक राजस्व निरीक्षक को भारी पड़ गया। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने दीपका तहसील में पदस्थ राजस्व निरीक्षक नीलकांत यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
नीलकांत यादव ने अवकाश के लिए आवेदन दिया था, जो अस्वीकृत हो गया था। इसके बावजूद वे 21 जुलाई 2026 से 4 अगस्त 2026 तक बिना अनुमति ड्यूटी से गायब रहे और इसी दौरान विदेश यात्रा पर चले गए। मामले में 11 अगस्त 2026 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
कलेक्टर ने उनके इस कृत्य को पदीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और घोर अनुशासनहीनता मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 और नियम-7 का उल्लंघन माना।
निलंबन के बाद क्या हुआ?
कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल सस्पेंड कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा कोरबा तय किया गया है।
साथ ही नियम-14 के तहत 6 महीने के भीतर विभागीय जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। दीपका राजस्व मंडल का प्रभार दूसरे निरीक्षक या पटवारी को सौंपने को भी कहा गया है।
FAQ: राजस्व इंस्पेक्टर
सवाल 1. किसे सस्पेंड किया गया?
जवाब: दीपका तहसील में पदस्थ राजस्व निरीक्षक नीलकांत यादव को।
सवाल 2. सस्पेंड क्यों किया गया?
जवाब: छुट्टी अस्वीकृत होने के बाद भी 21 जुलाई से 4 अगस्त 2026 तक बिना अनुमति ड्यूटी से गायब रहकर विदेश यात्रा करने पर।
सवाल 3. कार्रवाई किसने की?
जवाब: कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की।
सवाल 4. अब मुख्यालय कहां रहेगा?
जवाब: निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय भू-अभिलेख शाखा कोरबा रहेगा।

