जांजगीर–चांपा। रिश्वतखोरी के मामले में चर्चित ASI आरपी बघेल ट्रक मालिक से रिश्वत लेते हुए एक बार फिर कैमरे में कैद हो गए हैं। रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद ASI को लाइन अटैच कर दिया गया है।
दरअसल, राहौद पुलिस सहायता केंद्र की पुलिस ने एक मामले में सुप्रीम कुमार यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। इसी मामले में चालान पेश करने के एवज में ASI रामप्रसाद बघेल ने 40 हजार रुपये और 70 बोतल अंग्रेजी शराब की मांग की।
शिकायतकर्ता ने बनाया वीडियो
इस दौरान शिकायतकर्ता अमित खूंटे ने रुपये मांगते हुए वीडियो बना लिया। उसने वीडियो वायरल किया और मामले की लिखित शिकायत की। इसके बाद प्रभारी SP निवेदिता पाल ने ASI रामप्रसाद बघेल को लाइन अटैच किया है।
पहले भी कई बार पकडे जा चुके हैं ये अफसर..!
दरअसल ASI रामप्रसाद बघेल की रिश्वतखोरी के एक नहीं बल्कि 4 से 5 मामले हैं। इससे पूर्व 2020 में दुर्घटना के एक प्रकरण में भी रिश्वत लेते बघेल का वीडियो वायरल हुआ था।
यह वाकया 12 सितंबर 2020 का है। तब जिले के शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में ट्रक से एक बच्ची सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इस घटना के बाद माहौल बिगड़ता देख ट्रक चालक ने ट्रक को तुरंत थाने लाकर खड़ा कर दिया था। मामले में कोई शिकायत नहीं मिलने की वजह से ट्रक को छोड़ दिया गया। तभी करीब 20 दिन बाद 4 अक्टूबर 2020 को बच्ची के परिजनों ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद ट्रक को जब्त कर लिया गया। दरअसल ट्रक में करीब 12 लाख रुपये का चना दाल भरा हुआ था, जो कि ज्यादा समय ट्रक में रखने पर खराब हो सकता था। इसी वजह से ट्रक मालिक ने ASI आरपी बघेल से जल्द ट्रक का चालान पेश करने का निवेदन किया।
ट्रक मालिक से मांगे थे 20 हजार रुपये
ASI ने इस काम के लिए ट्रक मालिक से 20 हजार रुपये की मांग की। ट्रक मालिक और ASI के बीच चले मोलभाव के बाद 10 हजार रुपये पर बात बनी, लेकिन ASI ने असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि पूरे पैसे उच्चाधिकारियों को चले जाएंगे, मेरे पास कुछ नहीं बचेगा। इसके बाद ट्रक मालिक ने कुछ और रुपये उन्हें दिए।
ये पूरी घटना मोबाइल के कैमरे में रिकॉर्ड की जा रही थी। वीडियो की जानकारी एसपी को लगते ही उन्होंने मामला तत्काल संज्ञान में लिया। ASI बघेल को निलंबित कर दिया गया।
टीआई भी निपट चुके हैं इस ASI के चक्कर में
बताया जा रहा है कि कोरोना काल से पूर्व ASI रामप्रसाद बघेल की रिश्वतखोरी का एक और मामला उजागर हुआ था। तब उसके फेर में थाने में पदस्थ टीआई को भी निलंबित कर दिया गया था।
जांजगीर जिले में पदस्थ ASI रामप्रसाद बघेल आदतन रिश्वतखोर के रूप में मशहूर हो चुके हैं। अब तो उनकी ‘हम नहीं सुधरेंगे’ जैसी छवि बन चुकी है।
अमूमन पुलिस विभाग में ऐसे मामलों में दोषी जवान या अफसर को बर्खास्त कर दिया जाता है, मगर ASI बघेल अब तक कैसे बचे हुए हैं, यह तो जिले अफसर ही जानें, मगर सबसे बड़ी बात यही है कि कठोर कार्रवाई नहीं करने के चलते ही ऐसे घूसखोरों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

