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पामगढ़ (जांजगीर-चांपा): शुक्रवार शाम पामगढ़ में जहरीली शराब से हुई मौतें कोई हादसा नहीं, बल्कि 10 लाख के कर्ज से बचने के लिए रची गई खौफनाक साजिश निकली। आरोपी ने शराब में जहरीला ‘सुहागा’ (बोरेक्स) मिलाकर हत्या की योजना बनाई, जिसमें क्लिनिक संचालक के साथ-साथ एक निर्दोष बसपा पार्षद की भी जान चली गई।

पुलिस तफ्तीश और पड़ताल के अनुसार, निजी क्लिनिक संचालक जोहितराम खरे (52) ने ग्राम पनगांव निवासी अपने परिचित कमल नाथ खरे उर्फ राजा को 10 लाख रूपये उधार दिए थे। जोहित लगातार अपने पैसे वापस मांग रहा था, लेकिन राजा टालमटोल कर रहा था।

मकान बेचने के दबाव से तंग आकर बनाया प्लान

हाल ही में जोहित ने राजा पर दबाव बनाते हुए यहां तक कह दिया था कि यदि वह रकम नहीं लौटा सकता, तो अपना मकान बेचकर पूरा हिसाब चुकता करे। सिर पर बढ़ते कर्ज और मकान हाथ से निकलने के डर से राजा ने जोहित को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की खूनी योजना बना डाली।

योजना के तहत 23 अक्टूबर की शाम राजा खरे और उसके साथी मुकेश कश्यप उर्फ़ गोलू बातचीत के बहाने जोहित खरे को शराब पार्टी में बुलाया। इसी बीच वार्ड क्रमांक 8 के बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े (55) भी वहां पहुंच गए और बातचीत के सिलसिले में पार्टी में शामिल हो गए।

चारों ने पामगढ़ स्थित अंग्रेजी शराब दुकान से इम्पीरियल ब्लू ब्रांड की तीन बोतलें खरीदीं और साथ बैठकर पीने लगे। इसी दौरान राजा और उसके साथी ने जोहित के पेय में अत्यधिक विषैला रासायनिक तत्व ‘सुहागा’ (बोरेक्स) मिला दिया।

इस पूरी साजिश से पूरी तरह अनजान पार्षद रामखिलावन जांगड़े ने भी दुर्भाग्यवश वही जहरील पेय या चखना साझा कर लिया।

घर लौटने के कुछ ही देर बाद जोहितराम और रामखिलावन दोनों को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी। परिजन आनन-फानन में दोनों को पामगढ़ सीएचसी ले गए, जहां गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।

बीमार बनने का नाटक कर बचना चाहा

शनिवार को मामले में नया मोड़ तब आया जब खुद को बचाने या शक से परे दिखाने के प्रयास में राजा खरे की भी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई और उसे भी अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने चौथे साथी मुकेश कश्यप को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसके बाद पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ।

जहरीला होता है सुहागा

सुहागा (बोरेक्स) पेट में पहुंचते ही गैस्ट्रिक एसिड से क्रिया कर अत्यधिक जहरीला बोरिक एसिड बनाता है। इसके चलते किडनी, लीवर और फेफड़े तेजी से काम करना बंद कर देते हैं। मल्टी-ऑर्गन फेलियर और सांस रुकने से. इंसान की मौत हो जाती है।

अनजाने में साजिश का शिकार बने निर्दोष पार्षद

हत्या की इस पूरी योजना में बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े का किसी से कोई विवाद या लेना-देना नहीं था। वे केवल सामान्य रूप से वहां बातचीत के लिए पहुंचे और पार्टी में शामिल हो गए।थी, जिसकी चपेट में आकर निर्दोष बसपा पार्षद की भी जान चली गई।

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