fake transfer order 222fake transfer order 222

Fake Transfer Orders in the Education Department: छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सरकारी लेटरहेड, अफसर का नाम और हस्ताक्षर तक हू-ब-हू नकल करके 19 शिक्षकों और व्याख्याताओं का फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर जारी कर दिया गया।

मामला 6 अगस्त 2026 को जारी बताए जा रहे आदेश क्रमांक ESTB-102/755/2026/20-3 से जुड़ा है। इस फर्जी आदेश में छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के ऑफिशियल लेटरहेड का इस्तेमाल किया गया और अवर सचिव आर.पी. वर्मा के नाम, पदमुद्रा और हस्ताक्षर का दुरुपयोग किया गया। आदेश में 19 शिक्षकों के एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर का जिक्र था। विभाग को शक होने पर जब रिकॉर्ड खंगाला गया तो यह आदेश पूरी तरह से फर्जी निकला। लोक शिक्षण संचालनालय ने 14 अक्टूबर को इसे आधिकारिक तौर पर फर्जी करार दिया।

DEO से 3 दिनों में मांगा जवाब

इस फर्जीवाड़े की जड़ तक पहुंचने के लिए संचालनालय ने 15 जिलों – बलौदाबाजार-भाटापारा, दुर्ग, बेमेतरा, बस्तर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, GPM, रायपुर, बलरामपुर, राजनांदगांव, कांकेर, बालोद, कबीरधाम, धमतरी, सरगुजा और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के DEO को पत्र जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि फर्जी आदेश से जुड़े मामले में संबंधित शासकीय सेवकों की भूमिका की जानकारी जुटाई जाएगी और नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अब तक कितनों ने किया ज्वाइन ?

सबसे बड़ा सवाल यही है – इस फर्जी आदेश के सहारे कितने शिक्षकों ने रिलीव होने के लिए आवेदन दिया? कितने रिलीव हो गए और कितनों ने नई जगह पर ज्वाइन भी कर लिया? सभी DEO को तीन दिन के भीतर बिंदुवार रिपोर्ट, संबंधित शिक्षकों की सूची और दस्तावेज भेजने को कहा गया है।

इसके साथ ही यह भी स्पष्ट करना होगा कि कितने कर्मचारियों को वास्तव में कार्यमुक्त किया गया और कितनों को नई जगह पर कार्यभार ग्रहण कराया गया। संचालनालय ने इस संबंध में संबंधित कर्मचारियों की सूची और दस्तावेज भी मांगे हैं, ताकि पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके।

फर्जी आदेश सामने आने के बाद क्या कदम उठाये ?

विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों से यह भी पूछा है कि आदेश के फर्जी होने की जानकारी मिलने के बाद उनके स्तर पर क्या कदम उठाए गए। तीन दिन में मांगी गई रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कर्मचारियों की भूमिका और मामले में हुई कार्रवाई का विवरण शासन को भेजा जाएगा।

अब DEO की रिपोर्ट से ही साफ होगा कि यह खेल किसने रचा, आदेश जिला कार्यालयों तक कैसे पहुंचा और इसमें किन शिक्षकों की मिलीभगत थी। विभाग ने साफ किया है कि दोषी कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है। इस मामले में अब जिला स्तर से मिलने वाली रिपोर्ट अहम होगी।

letter to DEO’s

You missed

error: Content is protected !!