राजनांदगांव। जिले की पुलिस ने खुलासा किया है कि पद्मश्री फुलबासन यादव की अपहरण की साजिश महिला समूह का काम हासिल करने के लिए रची गई थी।

एसपी अंकिता शर्मा की मौजूदगी में दो महिला समेत पांच आरोपियों को मीडिया के समक्ष पेश करते हुए इस घटना की तमाम योजना को लेकर स्थिति साफ की गई। एसपी ने दावा किया है कि आरोपियों की ओर से काम मिलने पर फुलबासन यादव को छोड़ने पर भी रजामंदी बन गई थी। इससे पहले आरोपी वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गए। बताया गया है कि घटना की मुख्य साजिशकर्ता बेमेतरा जिले की भिभौंरी की रहने वाली तलाकशुदा महिला खुशबू साहू थी। खुशबू ने अपने योजना को अंजाम देने के लिए एक और महिला समेत तीन पुरूषों को अपने साथ लिया था।

एसपी अंकिता शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते बताया कि बेमेतरा जिले में करीब 20-30 महिला स्वसहायता समूह फुलबासन यादव की देखरेख में संचालित होते हैं। मुख्य आरोपी इस क्षेत्र में संचालित समूहों की प्रमुख बनना चाहती थी। समूह के माध्यम से होने वाले सभी तरह के काम पर वह कंट्रोल करना चाह रही थी।

इसी मकसद से उसने तीन माह पहले फुलबासन यादव से जानपहचान बढ़ाते नजदीक आने का प्रयास किया। वह फुलबासन से बेमेतरा जिले में स्वयं को प्रमोट करने का आग्रह भी करती रही। उसकी मांग पूरी नहीं होने के बाद खुशबू साहू ने अपनी सहेली सलोनी माहेश्वरी, दिनेश बंजारे, गोपाल खेलवार तथा चिनकराम साहू के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई।

केक की तरह काटकर पूरे शहर में बांटने की धमकी

बताया जा रहा है कि अपहरण के बाद चालक को मुख्य आरोपी खुशबू साहू डराते-धमकाते हुए तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने हिदायत दे रही थी। वहीं वह विरोध कर रही फूलबासन को केक की तरह काट-काटकर राजनांदगांव शहर में बांटने की धमकी भी दे रही थी। चेकिंग में लगी जांच टीम की सजगता से आरोपी अपने मंसूबों को पूरा नहीं कर पाए। चिखली चौकी पुलिस के पास ट्रैफिक पुलिस ने गाड़ी रूकवाकर जांच की, जिसमें फुलबासन यादव को जबरिया बिठाकर ले जाने का मामला सामने आया।

फुलबासन को मिलेगी पुलिस की सुरक्षा

फुलबासन यादव को सकुशल वापस आने पर सभी वर्गों की ओर से हौसला अफजाई की जा रही है। पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है। पता चला है कि जल्द ही फुलबासन यादव को पुलिस की सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।

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