रायपुर। रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (RIPA) और भारत नेट परियोजना के तहत प्रदेश भर में हुए कार्यों की जांच होने लगी है। सरकार ने रीपा परियोजना में अनियमितता की शिकायतों पर ऑडिट का फैसला किया है। विधानसभा में यह मामला जोरशोर से उठा था, और पंचायत मंत्री विजय शर्मा ने उच्चस्तरीय जांच कमेटी के गठन की घोषणा की थी।

रीपा यानी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना की योजना है। यह योजना पिछली सरकार ने शुरू की थी और इस योजना के मद से करीब 3 सौ रूरल इंडस्ट्रियल पार्क बनाए गए। इस योजना में करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। डिप्टी सीएम और पंचायत विभाग के मंत्री विजय शर्मा ने सीएस की अध्यक्षता में जांच समिति के गठन की घोषणा की थी।

इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना के लिए DMF का भी उपयोग किया गया था। सूत्रों के मुताबिक सरकार अब इस पूरे मामले की ऑडिट जांच करा रही है। पार्क स्थापना के मद में 442 करोड़ खर्च होने का अनुमान था। इसमें से 260 करोड़ से अधिक खर्च भी हो चुके हैं और संबंधित एजेंसियों को भुगतान भी हो चुका है। फ़िलहाल लोकल फंड ऑडिट की टीम रीपा का निरीक्षण भौतिक सत्यापन भी कर रही है।

भारत नेट परियोजना भी जांच के दायरे में

भारत नेट परियोजना में अनियमितता की शिकायतों को लेकर भी ऑडिट जांच चल रही है। यह परियोजना दो साल में पूरी होनी थी, लेकिन सात साल बाद भी पूरा नहीं हो सकी है।

विधानसभा में भाजपा MLA अजय चंद्राकर ने भारत नेट परियोजना को लेकर सवाल उठाये थे। इस परियोजना की क्रियान्वयन एजेंसी टीसीएस है। कंपनी के भुगतान के तौर-तरीकों को लेकर सवाल खड़े किए गए थे। हालांकि केन्द्र सरकार ने अलग से ऑडिटर भी नियुक्त किए हैं और इसकी अनुशंसा के बाद ही भुगतान होता है। मगर पिछले कुछ वर्षों में अतिरिक्त भुगतान को लेकर सवाल हुए हैं। शिकायत के आधार पर इस परियोजना की भी जाँच चल रही है।

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