0 साल भर पहले पत्नी ने भी की थी ख़ुदकुशी

Mahadev App। महादेव सट्टे के कारोबार में चंद लोग करोड़ों रूपये कमा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे लोग भी हैं जो इस कारोबार में नुकसान या धोखाधड़ी का शिकार होने के चलते अपनी जान दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सामने आया है, जहां महादेव बुक ऐप के चलते संदीप बग्गा नामक कारोबारी ने खुदकुशी कर ली।

मृतक के सुसाइड नोट से यह खुलासा हुआ है कि एक सटोरिए ने उसे महादेव बुक ऐप की ID दिलाने के लिए 15 लाख रुपए लिए थे। रकम लेने के बाद भी सटोरिए ने उसे ID नहीं दी और उल्टा उसे अलग-अलग नंबरों से कॉल करके जान से मारने की धमकियां देने लगे। इससे परेशान होकर युवक ने कीटनाशक पीकर खुदकुशी कर ली। सिविल लाइन पुलिस ने इस मामले मर्ग कायम कर विवेचना में लिया है। साथ ही संदीप बग्गा के कथित सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने नितेश मित्तल के खिलाफ FIR दर्ज की है।

पुलिस के मुताबिक सेक्टर-2 शंकर नगर निवासी संदीप बग्गा (40) का सेकंड हैंड कार खरीदने-बेचने का कारोबार है। 9 मई को दोपहर करीब 2 बजे उसने कीटनाशक पी लिया। इसकी जानकारी उनके बड़े भाई प्रदीप बग्गा को हुई। उन्होंने उसे तत्काल डीडी नगर इलाके के जगन्नाथ अस्पताल में भर्ती कराया। उनका इलाज चल रहा था। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार की रात संदीप मौत हो गई।

कमरे से मिला सुसाइड नोट

परिजनों को संदीप के कमरे से एक पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें नितेश मित्तल-गुप्ता का नाम लिखा है। उसे 15 लाख देने के बाद भी महादेव ऐप की आईडी नहीं देने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर लिया है। सुसाइड लेटर को जब्त कर लिया है। उसकी जांच कराई जा रही है।

क्या लिखा है सुसाइड नोट में

श्रीमान पुलिस अधीक्षक, मैं संदीप बग्गा, नितेश मित्तल-गुप्ता जिसका की महादेव बुक ऐप और लोटस बुक एंव रेड्डी ऐप का लंबा चौड़ा कारोबार है। उसने मुझसे 15-15 लाख आईडी देने के नाम पर लिए और बाद में टालमटोल करने लगा। जब मैने आईडी मांगी तो अलग-अलग नंबर से जान से मारने की धमकी देने लगा। इसलिए मैं आत्महत्या करने के लिए मजबूर हूं कृपया इसके ऊपर उचित कार्रवाई की जाय…संदीप

संदीप की पत्नी ने की थी खुदकुशी

संदीप के भाई प्रदीप बग्गा ने बताया कि 19 मई 2023 को संदीप की पत्नी रानू ने भी खुदकुशी कर ली थी। प्रदीप के मुताबिक मां नहीं बन पाने की वजह से रानू डिप्रेशन में थी और उसने फांसी लगाकर जान दे दी। इसके बाद मायके वालों ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप संदीप और प्रदीप पर लगाया था।

इस मामले में दोनों भाई रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद रहे और 2 महीने पहले ही 11 मार्च को कोर्ट से मामले में बरी होकर बाहर आए थे।

सट्टे से जुड़े लोगों की हो रही है कार्रवाई

छत्तीसगढ़ की पुलिस और EOW द्वारा इन दिनों महादेव सट्टा एप और उससे जुड़े दूसरे ID चलने वाले सटोरियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। बावजूद इसके इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लग सका है। कई कारोबारी सट्टे के इस व्यवसाय से जुड़ गए हैं और करोड़ों रूपये का लेन-कर रहे हैं।

संदीप के सुसाइड का ये मामला महादेव सट्टा ऐप से जुड़ा होने की वजह से हाईप्रोफाइल बन गया है। सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, शुभम सोनी जैसे प्रमोटर्स के अलावा कई नेताओं और कारोबारियों पर इस ऐप के जरिए में साजिश, जालसाजी और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।

संदीप की मौत के बाद से नितेश फरार

नितेश मित्तल के बारे में बताया जा रहा है कि वह रायपुर के ही कचना इलाके का रहने वाला है। संदीप बग्गा के कथित सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ FIR दर्ज की है। हालांकि संदीप के सुसाइड के बाद से ही नितिश मित्तल लापता है। एडिशनल एसपी लखन पटले का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।

संदीप को आये दिन धमकाता था नितेश

प्रदीप बग्गा ने बताया कि नितेश मित्तल ने 13 से 15 लाख रुपए 10 दिन में लौटाने के नाम पर संदीप से लिए थे, लेकिन रकम लौटाने की बजाय नितेश उसे अलग-अलग नंबरों से कॉल करके धमकाने लगा। संदीप ने इसकी चर्चा अपने भाई से भी की थी। बार-बार की धमकी से तंग आकर खुदकुशी करने की बात संदीप ने सुसाइड नोट में लिखी है।

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