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ग्वालियर। मध्य प्रदेश में भले ही पावर कट होने के बाद बिजली गुल हो जाती है, लेकिन एमपी के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को शायद पावर कट से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि, ऊर्जा मंत्री के अंदर इतनी ऊर्जा है कि उनके सिर पर बल्ब रखने से वह जल उठता है। जी हां ग्वालियर में 25 जून को ऐसा ही हुआ। यह हकीकत है, हालांकि, ये कोई चमत्कार नहीं, बल्कि जादू था। दरअसल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 25 जून को कोरी कोली समाज के सम्मेलन में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में एक जादूगर भी थे। जादूगर ने मंच पर मंत्री सिंधिया के सामने कई करतब दिखाए।

इस दौरान जादूगर ने तिरंगा बनाया। इसके अलावा जादूगर ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर भी जबरदस्त जादू किया। उसने तोमर के सिर पर एक बल्ब रखा तो वह जल उठा। यह देखकर सिंधिया भी हैरान रह गए कि बिना बिजली कनेक्शन के ऊर्जा मंत्री के सिर पर रखा बल्ब कैसे जल उठा। जब सिंधिया ने इसी बल्ब को जादूगर के सिर पर रखा तो वो रोशन नहीं हुआ। इस दौरान सिंधिया जमकर हंसे। सिंधिया के मुंह से निकल पड़ा कि ऊर्जा मंत्री के अंदर भारी करंट है, जो बल्ब को भी रोशन कर देता है।

एमपी में छाया है बिजली कटौती का मुद्दा

25 जून को भले ही जादूगर के कमाल से ऊर्जा मंत्री के सिर पर रखा बल्ब जल उठा हो, लेकिन मध्य प्रदेश में बिजली के हालात खराब हैं। पूरे प्रदेश में इन दिनों जनता बिजली की कटौती से परेशान है। आलम यह है कि ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के ही इलाके में रोजाना 4 से 6 घंटे बिजली कट रही है। बिजली कटौती, बदहाली के मुद्दे पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सहित अन्य दलों ने ऊर्जा मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। हर दिन कोई न कोई दल या संगठन ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बंगले का घेराव कर रहा है।

इस तरह से चर्चा में रहते हैं तोमर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अक्सर अपने अलग अंदाज के लिए सुर्खियों में रहते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कट्टर समर्थक तोमर कैबिनेट मंत्री होते हुए जब जनता के बीच जाते हैं तो कभी फावड़ा लेकर नाली की सफाई करते हैं, तो कभी सड़कों पर झाड़ू लगाते हैं। कभी ऊर्जा मंत्री अपने इलाके की जनता का हाल-चाल जानने के लिए सुबह 4 बजे उनके घरों में दस्तक देते हैं। कभी वह बच्चों के साथ फुटबॉल क्रिकेट या गिल्ली डंडा खेलते भी नजर आते हैं। ऊर्जा मंत्री को जब कभी अपने इलाके में भूख लगती है तो वह आम कार्यकर्ता यह किसी गरीब के घर भी बैठकर खाना खाते हैं।

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