रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की 2020 और 2021 राज्य सेवा परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई की है। 1 सितंबर को रायपुर जोनल टीम ने रायपुर, दुर्ग, धमतरी और जशपुर में 5 ठिकानों पर PMLA के तहत छापा मारा।
ईडी के मुताबिक जांच EOW-ACB और CBI-ACB की FIR के आधार पर शुरू हुई, जिसमें तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी समेत अन्य पर गंभीर अनियमितता के आरोप हैं। जांच में दावा है कि प्रश्नपत्र निजी बिचौलियों से रिश्तेदारों और चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाए गए और डिप्टी कलेक्टर, DSP जैसे पदों पर फर्जी चयन कराया गया।
उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने लीक पेपर का भरोसा देकर अभ्यर्थियों से नकद रकम ली, 3 करोड़ से अधिक Proceeds of Crime मिला, जिसमें से 2.80 करोड़ अनिल चंद्राकर को देने का दावा है। ED ने आरोप लगाया कि उत्कर्ष ने तत्कालीन CM के PA और मामा के.के. चंद्रवंशी के नाम और प्रभाव का इस्तेमाल किया।
साक्ष्यों, बयानों और बैंक खातों के विश्लेषण के बाद उत्कर्ष चंद्राकर को 1 सितंबर 2026 को PMLA धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। तलाशी में दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और संपत्ति के कागजात जब्त हुए।

