0 मस्तूरी के पास मिला था किशोरी का क्षत-विक्षत शव
बिलासपुर। मस्तूरी इलाके में रेलवे अंडरब्रिज के पास मिली एक किशोरी की लाश की गुत्थी सुलझ गई है। 29 मार्च को परसदा गांव के पास जब पुलिस को यह शव मिला, तो उसका एक हाथ कटा हुआ था और लाश की पहचान नहीं हो पा रही थी, जिसके बाद मस्तूरी पुलिस ने सोशल मीडिया और इंटरनेट का सहारा लिया।
पहचान के बाद हुआ मर्डर का खुलासा
इसके बाद लड़की की फोटो इंटरनेट पर वायरल होते ही खैरागढ़ पुलिस ने बिलासपुर पुलिस से संपर्क किया और इस मर्डर मिस्ट्री से पर्दा उठ गया।मृतका की पहचान खैरागढ़ के चिचोला गांव की 15 साल की देविका वर्मा के रूप में हुई है। जांच में पता चला कि देविका अपने प्रेमी मोहन वर्मा और उसके दो दोस्तों हरीश वर्मा और एक नाबालिग के साथ घर से निकली थी।

दरअसल देविका को बहला-फुसलाकर भगाया गया था। ये चारों डोंगरगढ़ से वेनगंगा एक्सप्रेस में सवार होकर कोरबा जा रहे थे। रविवार सुबह जब ट्रेन बिलासपुर के पास थी, तभी किसी बात को लेकर देविका और मोहन के बीच झगड़ा शुरू हो गया। गुस्से में आकर मोहन ने देविका को चलती ट्रेन से नीचे धकेल दिया, जिससे वह ट्रेन की चपेट में आ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मामले में 3 को पकड़ा पुलिस ने
लड़की के लापता होने की रिपोर्ट पहले ही खैरागढ़ के ठेलकाडीह थाने में दर्ज थी। वह अपने मामा के घर से 28 मार्च से लापता थी। जब खैरागढ़ पुलिस ने इंटरनेट पर फोटो देखी, तो उसे शक हुआ। मंगलवार सुबह खैरागढ़ पुलिस लड़की के घरवालों को लेकर बिलासपुर पहुंची, जहां परिजनों ने शव की पहचान की। पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए मुख्य आरोपी मोहन वर्मा, उसके साथी हरीश और एक किशोर को हिरासत में ले लिया है।

बिलासपुर एएसपी (ग्रामीण) मधुलिका सिंह ने बताया कि मामला संदिग्ध होने के कारण और जीरो कायमी के आधार पर अब इसकी पूरी जांच खैरागढ़ पुलिस करेगी। मस्तूरी अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने देविका का शव उसके परिवार को सौंप दिया है।

