कोरबा। CSEB के मुख्य अभियंता ने कोरबा में परियोजना में पदस्थ कार्यपालन अभियंता जितेन्द्र कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। इस अफसर का निलंबन अवधि में मुख्यालय कार्यालय मुख्य अभियंता (अं.क्षे.) छ.स्टे.पॉ. डि.कं.लिमि., अंबिकापुर में नियत किया जाता है।
सब स्टेशन के निर्माण कार्य की दी गलत जानकारी
बताया जाता है कि कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत विगत 11 फ़रवरी को कोरबा शहर स्थित दादर वार्ड के दौरे पर थे, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2784 आवास का निर्माण किया जा रहा है। कलेक्टर इस कार्य की प्रगति का अवलोकन करने गए थे। इस दौरान वे यहां बन रहे सब स्टेशन के निर्माण स्थल पर भी गए। यह काम कार्यपालन अभियंता (परियोजना) जितेन्द्र कुमार सिंह के देखरेख में चल रहा है। चूंकि निर्माण कार्य ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है और निर्माण की गति काफी धीमी है, इसलिए कलेक्टर ने जितेंद्र सिंह इस संबंध में सवाल किया तब सिंह ने यह जवाब दिया कि उनके विभाग CSEB द्वारा सब स्टेशन के लिए जो सामान मुहैया कराया जाना है वो अब तक नहीं दिया गया है, इसलिए कार्य बाधित है। यह सुनकर कलेक्टर दुदावत नाराज हुए और उन्होंने जितेंद्र सिंह को गुस्से का इजहार किया।

दरसअल दादर वार्ड में प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत चल रहा पूरा निर्माण कार्य ही काफी धीमी गति से हो रहा है, इसलिए कलेक्टर काफी नाराज हुए। उलटे बिजली विभाग के अफसर ने उन्हें उटपटांग जानकारी दे दी, इसलिए उनकी नाराजगी और बढ़ गई।
बताया जाता है कि कलेक्टर ने इस संबंध में सीधे CSEB के अध्यक्ष आईएएस रोहित यादव को फोन लगा दिया और वस्तुस्थिति की जानकारी दी। यादव ने इस संबंध में मुख्य अभियंता से संपर्क कर जानकारी मंगाई। बाद में यह पता चला कि अभी सब स्टेशन के ठेकेदार ने ही काम पूरा नहीं किया है। उसके काम पूरे करने के बाद ही CSEB जरुरी सामान देगा। ऐसे में कार्यपालन अभियंता (परियोजना) जितेन्द्र कुमार सिंह द्वारा दी गई जानकारी ही गलत निकली।

अफसर की कोताही का यह मामला विभाग के मुखिया के पास पहुंच गया था, इसलिए गाज तो गिरनी ही थी। आईएएस रोहित यादव के निर्देश के बाद मुख्य अभियंता छ.स्टे.पॉ. डि.कं.लिमि, रायपुर ने मामले की जांच कराई और कोरबा में पदस्थ कार्यपालन अभियंता (परियोजना) जितेन्द्र कुमार सिंह को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। निलंबन आदेश में कर्तव्य निवर्हन में बरती गयी लापरवाही एवं जिला प्रशासन को गुमराह किये जाने के कदाचरण के परिप्रेक्ष्य में कार्यवाही किये जाने का उल्लेख करते हुए उन्हें फ़िलहाल अंबिकापुर कार्यालय में संलग्न किया गया है।


