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रायपुर। पिछली सरकार के अवैध कोल लेवी मामले में राज्य आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो ने जनवरी में कोल लेवी मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर ट्रांसपोर्टर मूलतः कोरबा के हेमंत जायसवाल और चंद्रप्रकाश जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। बिलासपुर और कोरबा से दोनों की बुधवार को गिरफ्तारी की गई है। गुरुवार को दोनों आरोपियों को ब्यूरो की टीम ने कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को ईओडब्ल्यू की रिमांड पर 20 जून तक के लिए सौंप दिया गया। रायपुर की स्पेशल कोर्ट में दोनों को ब्यूरो ने पेश किया था। दोनों पर ट्रांसपोर्टरों से वसूली का आरोप है।

अफसरों के मुताबिक दोनों ट्रांसपोर्टर कोल लेवी मामले के किंगपिंग सूर्यकांत तिवारी से करीबी थी। उसके साथ ही मिलकर दोनों ट्रांसपोर्टरों से 25 रुपए प्रति टन की वसूली का पूरा काम संभाल रहे थे। ब्यूरो की टीम काफी समय से इन दोनों की निगरानी कर रही थी। ब्यूरो को जानकारी मिली कि दोनों कोल वॉशरी लेने की तैयारी कर रहे हैं। तभी EOW ने दोनों की तलाश शुरू की और पकड़ लिया।

ब्यूरो में अपराध क्रमांक 03/2024 आईपीसी की धारा 7, 7-ए, 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, धारा 120बी, 384, 420 दर्ज की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रतिवेदन के आधार पर इसी साल जनवरी में ब्यूरो में एफआईआर दर्ज की गई थी। तब से ब्यूरो ने कुछ और लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले ईडी ने इस मामले में दो आईएएस समीर बिश्नोई, पूर्व सीएम भूपेश बघेल की उप सचिव सौम्या चौरसिया, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया था। ये सभी अभी जेल में हैं। इन सभी को ईओडब्ल्यू ने कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट लेकर रिमांड पर लिया था। अब दो और आरोपियों हेमंत जायसवाल और चंद्रप्रकाश जायवाल को ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है। इनसे पूछताछ के आधार पर नए तथ्यों का खुलासा होगा।

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