Trending Now

सूरजपुर। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) अंबिकापुर यूनिट की टीम ने सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाने में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक माधव सिंह को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। एएसआई ने जमीन विवाद के मामले में दो पक्षों में हुई मारपीट के मामले में एक पक्ष के खिलाफ धारा बढ़ाने के लिए 30 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी, बाद में सौदा 10 हजार में तय हुआ था। इस मामले में एएसआई के सहयोगी को भी पकड़ा गया है। इस दौरान थाना परिसर में हड़कंप मच गया।

मारपीट के मामले में धारा बढ़ाने मांगी रिश्वत

ACB ने एक बार फिर घूसखोरी पर एक्शन लिया है। जानकारी के मुताबिक जनपद सदस्य शिवमंगल सिंह, निवासी ग्राम सूरता, थाना रामानुजनगर जिला सूरजपुर ने एन्टी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर के कार्यालय में शिकायत की थी। आरोप था कि ग्राम सूरता में प्रार्थी के भाई को टंगिया से सिर पर मारने एवं गंभीर चोट आने की घटना पर थाना रामानुजनगर में अपराध कमांक 93/2024 धारा 294, 506, 323, 34 भादवि के तहत दर्ज किया गया था।

मामले में जनपद सदस्य शिवमंगल सिंह ने सूरजपुर थाने में संपर्क किया तो थाने में पदस्थ एएसआई माधव सिंह ने मामले में धारा 307 जोड़ने के लिए 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। इसकी शिकायत शिवमंगल सिंह ने एसीबी, अंबिकापुर से कर दी। एसीबी की टीम ने फोन पर बात कर रिश्वत मांगने की तस्दीक कराई। फोन में बातचीत के दौरान एएसआई माधव सिंह 10 हजार रुपये लेकर धाराएं बढ़ाने के लिए तैयार हो गया।

काम नहीं आयी ASI की चालाकी

बुधवार दोपहर अंबिकापुर से एसीबी डीएसपी प्रमोद कुमार खेस की टीम रामानुजनगर पहुंची। शिवमंगल सिंह केमिकल लगे 10 हजार रुपये लेकर थाने में पहुंचे। इस दौरान एएसआई माधव सिंह ने होशियारी दिखाते हुए कथित सहयोगी मोहिनुद्दीन के हाथों रिश्वत की रकम 10 हजार रुपये ली। जैसे ही सहयोगी ने एएसआई माधव सिंह को रिश्वत की रकम दी। एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा।

नोट लेकर फंस गया ग्रामीण

बता दें कि इस मामले में एएसआई माधव सिंह के साथ पकड़ा गया सहयोगी मोहिनुद्दीन पुलिस कर्मी नहीं है, बल्कि वह पास के गांव सुरता का रहने वाला है और किसी काम से थाने आया हुआ था। पीड़ित शिवमंगल सिंह रिश्वत की रकम देने पहुंचा तो संयोग से मोहिनुद्दीन वहां मौजूद था और ASI ने रिश्वत की रकम को मोहिनुद्दीन के हाथ में देने को कह दिया। ऐसे में यह शख्स भी रिश्वत के मामले में फंस गया और उसे भी ACB ने गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले में ACB द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है।

error: Content is protected !!