ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना क्षेत्र की चिपियाना चौकी में पुलिस कस्टडी में योगेश नाम के युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक के परिजन पुलिस पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। जानकारी मिली है कि युवक का शव चौकी के अंदर फांसी पर लटका हुआ मिला है।

मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगा पंचनामा

इस मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने एडिशनल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) और डीसीपी सेंट्रल को मौके पर भेजा था। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने घटना का जायजा लिया और उसके बाद सीपी को सूचित किया। जिसके बाद चिपियाना चौकी में हुई घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए बिसरख थाना में मामला दर्ज किया जा रहा है।

वहीं, पूरी चौकी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही मृतक के शव का पंचनामा की कार्यवाही मजिस्ट्रेट द्वारा कराई जा रही है। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल के माध्यम से वीडियोग्राफी के साथ करवाने का भी अनुरोध किया गया है।

डीसीपी सेंट्रल नोएडा सुनीति ने बताया है कि मृतक की पहचान मूल रूप से अलीगढ़ के रहने वाले योगेश कुमार के रूप में हुई है। वह चिपियाना में ही डोनाल्ड पार्टी वर्कशॉप में काम करता था। उसके सहकर्मी ने कुछ आरोप लगाए गए थे। जिसकी जांच के लिए उसे चौकी बुलाया गया था। गुरुवार सुबह 10:00 बजे के आसपास योगेश ने चौकी में बने बैरक के पास सुसाइड कर लिया। यह गंभीर मामला है और इसकी जांच की जा रही है, फिर उचित कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद मृतक के भाई ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि मेरे भाई को पुलिस रात में चौकी उठाकर लाई थी। 5 लाख रूपए रिश्वत मांगी थी। मैंने 50 हज़ार दे दिए, 1 हजार रूपए शराब के लिए मांगे गए थे। मैंने वो भी दे दिए। रात 10.30 बजे मैं चौकी के बाहर ही था। मैंने कहा कि 4.50 लाख रुपए सुबह दे दूंगा। पुलिस ने कहा था कि सुबह तुम्हारे भाई को छोड़ देगे। अब मेरे भाई को पुलिस ने फांसी लगाकर मार दिया।

महिला सहकर्मी ने की थी रेप की शिकायत

युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में पुलिस ने बयान जारी किया है। पुलिस ने बताया है कि एक महिला सहकर्मी द्वारा बलात्कार किए जाने के आरोप का प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिसके जांच के क्रम में मृतक योगेश को चौकी पर पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

पुलिस के मुताबिक योगेश ने गुरुवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया तथा परिजनों को सूचना दी गई। परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। विवेचना में फील्ड यूनिट की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है।

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