बिलासपुर। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर ड्रॉप एंड गो में बैरियर लगाकर ठेकेदार की अवैध वसूली को लेकर जमकर नाराजगी जताई। मामले की सुनवाई के दौरान मंडल रेल प्रबंधक (DRM) का जवाब पढ़कर चीफ जस्टिस नाराज हुए। उन्होंने कहा “इतना बड़ा रेलवे स्टेशन चला रहे हो, हजारों यात्रियों का आना-जाना है, उनसे कोई मतलब है या नहीं। रेलवे स्टेशन पर मनमानी चल रही है, कहां है DRM, ऑफिस से निकलकर रेलवे स्टेशन जाकर देखें कि क्या हालात हैं, यहां कोई सिस्टम है या नहीं।”

खबरों को लिया संज्ञान, दायर की जनहित याचिका

बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को छोड़ने के लिए पहुंचने वाली गाड़ियों से पार्किंग ठेकेदार 59 रुपए की अवैध वसूली करते हैं, जबकि ड्रॉप एंड गो एरिया में वसूली का नियम नहीं है। इस संबंध में छपी खबरों पर संज्ञान लेते हुए स्वतः संज्ञान से हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका दर्ज कर सुनवाई शुरू कर दी है।

वाणिज्य निरीक्षक निलंबित, अखबार से मांगी रसीद

रेलवे ने शुक्रवार को इसका जवाब दिया, जिसमें बताया गया कि रेलवे ठेकेदार पर जुर्माना किया गया है। वाणिज्य निरीक्षक को निलंबित भी कर दिया गया है। स्टेशन के गेट पर बोर्ड लगाकर बता दिया गया है कि ड्रॉप एंड गो पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही यह भी जवाब में लिखा गया था कि संबंधित अखबार से प्रकाशित खबर के संबंध में 59 रुपए लिए जाने की रसीद मांगी गई है।

‘आम लोग झेल रहे परेशानी’

जवाब पढ़कर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने कहा कि डीआरएम कर क्या रहे हैं? क्या वे चेंबर में आराम कर रहे हैं, उनको पता नहीं कि पार्किंग ठेकेदार यात्रियों के साथ क्या बर्ताव कर रहा है? इतना बड़ा रेलवे है और सबूत अखबार से मांगा जा रहा है। आप लोगों ने कानून व्यवस्था को मजाक बना दिया है। रेलवे या अस्पताल हो आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। आप लोगों के जवाब से नहीं लोगों के जुबान से सुनाई देना चाहिए कि व्यवस्था सुधरी है और अच्छी हो गई है।

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