दुर्ग। पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा, दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनू विश्वविदयालय, अंजोरा, दुर्ग (छ.ग.) में बकरी पालक किसानों एवं उद्यमियों के विशेष मांग पर तत्वाधान में बकरीपालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास में प्रशिक्षण कार्यक्रम का द्वितीय बैच 04 से 06 अक्टूबर तक आयोजन किया जा रहा है।

इस शिविर में बकरी पालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे छत्तीसगढ़ में बकरी पालन की संभावनायें, छत्तीसगढ़ की जलवायु के लिये उपयुक्त नस्ले उनका आवास एवं सामान्य प्रबंधन, भोजन का प्रबंधन, बकरियों में आकस्मिक शल्य चिकित्सा एवं प्राथमिक उपचार बकरियों में होने वाली महत्वपूर्ण बीमारियां, उनका टीकाकरण, रोकथाम, छत्तीसगढ़ एवं भारत सरकार दवारा बकरी पालन व्यवसाय को बढावा देने के लिये चलाई जा रही वाली महत्वपूर्ण योजनाये जैसे एन.एल. एम एवं नाबार्ड पोषित योजनाये, आवेदन प्रक्रिया, बैंक लोन की प्रक्रिया, छत्तीसगढ़ राज्य में रीपा अंतर्गत बकरीपालन में संभावनायें के बारे में विभिन्न विषय विशेषज्ञों के दवारा सारगर्भित व्याख्यान एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। जिसके लिये प्रशिक्षण शुल्क रु. 3000 (बिना रहवासी) एवं रु. 4000 ( रहवासी) रखा गया है।

गौरतलब है कि इस प्रशिक्षण के पहले बैच जो कि दिनांक 26 से 28 जुलाई 2023 को संपन्न हुआ था जिसमें 62 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण लिया था। इस प्रशिक्षण की अधिक जानकारी के लिये प्रशिक्षण प्रभारी डा. रामचंद्र रामटेके, सहायक प्राध्यापक एवं डा. एस. के. तिवारी, अधिष्ठाता पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा, दुर्ग में कार्यालयीन समय पर संपर्क किया जा सकता है।

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