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KULPATi GYAPAN

दुर्ग। दाउ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविदयालय, अंजोरा दुर्ग में शैक्षणिक पदों पर भर्ती के लिए अख़बार में विज्ञापन जारी किया गया है। शिकायत है कि जो पद स्वीकृत किये गए उसमें हेरफेर करते हुए दूसरे पदों को भी जोड़ दिया गया और आरक्षण को प्राथमिकता नहीं दी गई। इसके प्रमाण पेश करते हुए अनुसूचित जाति जनजाति संगठन ने विज्ञापन को निरस्त करने की मांग की है।

अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ और पशु चिकित्सा अधिकारी संघ ने श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविदयालय के कुलपति को इस सन्दर्भ में ज्ञापन सौंपा है। जिसमें उल्लेख किया गया है कि संदर्भित विज्ञापन द्वारा दिनांक 13/07/2023 जो कि शैक्षणिक पदों में भर्ती हेतु जारी किया गया है। जिसमें विभिन्न विषयों के पदों में रोस्टर लगाने व विभागवार भर्ती के लिये जारी विज्ञापन में अपने लोगों को लाभ पहुचाने के लिये विभागवार पदों को बदल दिया गया है। जैसे वेटनरी पोलिटेक्निक के 04 पदों में से सिर्फ 02 पदों के लिये विज्ञापन एवं 02 पदों को अपने चहेते लोगों को लाभ पहुंचाने के लिये विषय बदल दिया गया है। साथ ही अनुसूचित जनजाति के शैक्षणिक पदों को भी ऐसे ही निकाला गया है जिससे इस वर्ग के लोग आवेदन न कर सकें।

शासन द्वारा स्वीकृत पदों की सूची :

कुलपति के जाने के एक दिन पहले विज्ञापन

शिकायत में कहा गया है कि कई विभाग जैसे वेटनरी एक्सटेंशन, लाइव स्टाक प्रोडक्ट टेक्नालाजी, फार्मेकोलाजी में पिछले तीन सालों से प्राध्यापक एवं सह प्राध्यापक के पद रिक्त है, वहां पद नहीं निकाला गया है एवं ऐसे विभागों में पद निकाला गया है जिसमें वर्तमान में 2 से 3 प्राध्यापक एवं सह प्राध्यापक होने के बाद कुल 6 से 7 लोग कार्यरत है, साथ ही पिछले बैकलाग के 08 पद भरने के बाद अभी भी 34 पद रिक्त है। इनको भरने में वि.वि. ने कोई ध्यान न देकर कुलपति के कार्यकाल खत्म होने (14/07/2023) के एक दिन पहले यह विज्ञापन जारी करना अपने आप ही संदेह के घेरे में आता है।

संगठन ने कुलपति से अनुरोध किया है कि सन्दर्भित विज्ञापन को तत्काल निरस्त कर छ.ग. शासन द्वारा स्वीकृत पदों (प्राध्यापक, सह प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक) के रोस्टर एवं विश्वविद्यालय के आवश्यकता अनुसार विभागवार पदों में भर्ती के साथ साथ बैकलाग के पदों के लिए भी भर्ती के विज्ञापन जारी करें। ताकि छ.ग. के एक मात्र पशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय / विश्वविद्यालय की क्रेडिबिलिटी एवं छत्तीसगढ़ के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के हितों के साथ भेदभाव को रोका जा सके।

विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा प्रकशित विज्ञापन :

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