रायपुर। राज्य भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के मामले में सख्त कदम उठाते हुए बिलासपुर के बोदरी स्थित ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रवर्तक पवन अग्रवाल पर 10 लाख रुपये का दंड अधिरोपित किया है।
परियोजना का पंजीयन एक प्लॉटेड परियोजना के रूप में किया गया था, लेकिन प्रमोटर ने विज्ञापनों में परियोजना का प्रचार हाउसिंग परियोजना के रूप में किया। यह पंजीकृत विवरण के विपरीत और भ्रामक है।
प्रमोटर पर 10 लाख रुपये का दंड लगाया गया है। परियोजना का विधिवत पंजीयन कराने का निर्देश दिया गया है। सीजीरेरा ने स्पष्ट किया है कि भ्रामक विज्ञापनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भ्रामक विज्ञापनों पर नियंत्रण
भारत में भ्रामक विज्ञापनों को नियंत्रित करने के लिए कई कानून और नियम हैं, जिनमें उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019, औषधि और चमत्कारिक उपचार (आक्षेपणीय विज्ञापन) अधिनियम, 1954, और केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 शामिल हैं।

