तेलंगाना/रायपुर। तेलंगाना में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। नक्सल संगठन के शीर्ष नेता देव जी ने अपने 16 साथियों के साथ हथियार डालते हुए तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।

ऑपरेशन ‘कगार’ के चलते टूटा नक्सली संगठन

कर्रेगुट्टा क्षेत्र में चलाए गए संयुक्त सुरक्षा बलों के विशेष अभियान ‘ऑपरेशन कगार’ ने नक्सल संगठन की कमर तोड़ दी है। लगातार दबाव, सटीक रणनीति और खुफिया कार्रवाई के चलते नक्सलियों का बड़ा नेटवर्क बिखर गया। सूत्रों के मुताबिक, 31 मार्च 2026 से पहले सुरक्षा बलों को यह बड़ी रणनीतिक सफलता हाथ लगी है, जिसे नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

गृह मंत्री विजय शर्मा ने क्या कहा ?

इस पूरे घटनाक्रम पर विजय शर्मा ने पुष्टि करते हुए कहा “देव जी ने तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। हमारा अभियान तेज गति से चल रहा है और सशस्त्र नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है।जो बचे हुए नक्सली हैं, वे आज भी मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं।”

इनामी नक्सली ‘संग्राम’ ने भी किया सरेंडर

गृह मंत्री ने यह भी बताया कि इनामी नक्सली संग्राम ने भी आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया—“कुछ बड़े नक्सली अब भी बचे हैं, लेकिन वे सक्रिय नहीं हैं। नक्सलियों का बड़ा धड़ा पूरी तरह ढह चुका है।

नक्सलवाद के अंत की ओर मजबूत कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व के सरेंडर से नक्सली संगठन की वैचारिक, सैन्य और संगठनात्मक ताकत को गहरा आघात पहुंचा है। यह सफलता आने वाले समय में नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और विकास की राह को और मजबूत करेगी।

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