बालौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में पंच के चुनाव के दौरान प्रत्याशी को वोट नहीं करना वोटर को महंगा पड़ गया। आरोपी ने वोटर की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस वारदात के बाद पुलिस हत्यारे का पता नहीं लगा पा रही थी। दरअसल घटना के बाद आरोपी ने मौके पर मौजूद गवाहों को धमकी देते हुए कहा था कि अगर वे पुलिस से शिकायत करेंगे तो उन्हें भी जान से मार दिया जायेगा। गहन जांच के बाद मामला खुला और पुलिस ने हत्याकांड के 10 माह बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

किस तरह हुई वारदात..?

पिछले वर्ष 7 अप्रैल 2025 को थाना कसडोल क्षेत्र के ग्राम डाढाखार निवासी इतवारी राम पैकरा 55 वर्ष को सिर में गंभीर चोट लगने के बाद उसे जिला अस्पताल बालौदाबाजार में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान इतवारी राम पैकरा की 8 अप्रैल को मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट पहुंचाने से मौत की पुष्टि हुई।

चुनाव को लेकर थी रंजिश

थाना कसडोल में मामले में अपराध दर्ज कर घटना की जांच शुरू की गई। चूंकि आरोपी ने पहले से गवाहों को धमकाया था, इसलिए पुलिस के लिए आरोपी को पकड़ना चुनौती था। पुलिस पूछताछ में कोई भी ग्रामीण कुछ भी नहीं बता रहा था। पुलिस ने मामले में बारीकी से जांच की और गवाहों से फिर से पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि अप्रैल में पंच का चुनाव था और संदेही नरेश पैकरा भी पंच चुनाव में प्रत्याशी था। नरेश पैकरा को शक था कि उसे मृतक इतवारी राम पैकरा ने वोट नहीं दिया है। इसी बात को लेकर 7 अप्रैल को नरेश पैकरा ने इतवारी पैकरा से विवाद करते हुये डंडे से उस पर हमला कर दिया। इस दौरान इतवारी पैकरा लहुलूहान हालत में जमीन पर बेहोश होकर गिर गया। बाद में अस्पताल मौत हो गई।

गहन जांच के दौरान गवाहों ने मुंह खोला

आरोपी ने घटना को अंजाम देने के बाद वहां मौजूद गवाहों को धमकी दी थी कि अगर घटना के संबंध में किसी ने भी पुलिस को कुछ बताया तो उनके साथ भी यही होगा। गवाह घटना को लेकर काफी डरे हुये थे। काफी दिनों तक उन्होंने पुलिस को कुछ नहीं बताया था, पुलिस ने जब समझाइश दी और बारीकी से पूछताछ की तब जाकर आरोपी नरेश पैकरा का नाम सामने आया।

खुलासे के बाद पुलिस ने नरेश पैकरा 42 वर्ष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी नरेश पैकरा 42 वर्ष ग्राम डाढाखार थाना कसडोल का रहने वाला है।

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