जशपुर| एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) अंबिकापुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग जशपुर में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 गिरीश कुमार वारे के खिलाफ की गई है। आरोपी कर्मचारी पर स्थानांतरण कराने के एवज में रिश्वत मांगने और लेने का गंभीर आरोप है।

चपरासी से तबादले के लिए मांगे थे 80 हजार

एसीबी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले की शिकायत योगेश कुमार सांडिल्य ने की थी। शिकायतकर्ता योगेश कुमार सांडिल्य, पिता स्वर्गीय अशोक कुमार सांडिल्य, उम्र 38 वर्ष, ग्राम-कांसाबेल, जिला जशपुर का निवासी है। प्रार्थी वर्ष 2019 से एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय दोकड़ा में भृत्य (चपरासी) के पद पर पदस्थ है। उनका परिवार जशपुर में निवास करता है और उनके बच्चे भी जशपुर में ही पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार की देखरेख और बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपने कार्यस्थल को नजदीक स्थानांतरित कराने की इच्छा जताई थी।

इसी उद्देश्य से प्रार्थी ने जून 2025 में एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय लोदाम में स्थानांतरण के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग जशपुर के कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। आरोप है कि इसी दौरान कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 गिरीश कुमार वारे ने स्थानांतरण कराने के बदले 80 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता के अनुसार, रिश्वत की मांग के कुछ समय बाद ही जून 2025 में उसका स्थानांतरण लोदाम परियोजना कार्यालय में कर दिया गया।

जबरिया छीन ली मोटरसाइकल

स्थानांतरण आदेश मिलने के बाद जब प्रार्थी जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय पहुंचा, तब आरोपी कर्मचारी ने पुनः उससे रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने जब यह कहा कि फिलहाल उसके पास पैसे नहीं हैं, तो आरोपी ने उसकी मोटरसाइकिल (पल्सर 180, क्रमांक CG 14 MN 6259) अपने पास रख ली और साफ तौर पर कहा कि पैसे देने पर ही वाहन वापस किया जाएगा। इस घटना के बाद प्रार्थी मानसिक रूप से परेशान हो गया, लेकिन उसने रिश्वत देने के बजाय आरोपी को कानून के शिकंजे में लाने का निर्णय लिया।

इसके बाद प्रार्थी ने एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर में पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की प्राथमिक जांच और सत्यापन के दौरान यह बात सही पाई गई कि आरोपी 80 हजार रुपये रिश्वत लेने के लिए सहमत है। योजना के तहत एसीबी ने आज 8 जनवरी 2026 को जाल बिछाया और कार्यालय परिसर में ही आरोपी को पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इस मामले में एसीबी द्वारा विधिवत कार्रवाई की जा रही है। 

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