कवर्धा। कबीरधाम जिले में शिक्षा विभाग में 218 करोड़ रूपये की गड़बड़ी के आरोप पूर्व BEO संजय जायसवाल के ऊपर लगे थे। इस मामले में BEO की सफाई और जांच के बाद दो कर्मचारियों माया कसार और योगेंद्र कश्यप को निलंबित कर दिया गया है।

कबीरधाम के जिला शिक्षा अधिकारी ने BEO कवर्धा के कार्यालय की ऑडिट कराई, जिसमें टीम ने 218 करोड़ रूपये का कोई भी हिसाब-किताब नहीं मिलने संबंधी रिपोर्ट दी। इससे शिक्षा विभाग में तहलका मच गया। इस गंभीर मामले में शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए यहां के तत्कालीन BEO संजय जायसवाल को नोटिस जारी किया। हालांकि जायसवाल ने मीडिया को दिए गए बयान में बताया कि उन्होंने नोटिस मिलने के पहले ही सारे बिल व्हाउचर और अन्य दस्तावेज BEO और DEO कार्यालय को सौंप दिए थे। जायसवाल ने यह भी आरोप लगाया कि उनके समय लेखा-जोखा प्रभारी योगेंद्र कश्यप ने कोई सहयोग नहीं किया और बिल व्हाउचर का संधारण नहीं किया। जिसके चलते भ्रम की स्थिति बानी, जबकि समस्त 218 करोड़ की राशि शिक्षकों के वेतन से संबंधित थी। जायसवाल ने अपने कार्यकाल के दौरान योगेंद्र कश्यप को निलंबित करने की अनुशंसा भी की थी, मगर उसके खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।

अब जब मामले की जांच हुई तब तत्कालीन BEO कार्यालय में पदस्थ रहे योगेंद्र कश्यप और वर्ग–2 कर्मचारी माया कसार को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन आदेश जारी होने के साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान दोनों कर्मचारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

बहरहाल इस मामले में पूर्व BEO संजय जायसवाल को क्लीन चिट नहीं मिली है और उन पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। उनके ऊपर कार्य में लापरवाही और स्टाफ पर अंकुश बना पाने में अक्षमता के आरोप लग रहे हैं।

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