सूरजपुर। जिले के प्रतापपुर विकासखण्ड में एक सरकारी शिक्षक द्वारा नशे की हालत में स्कूल परिसर में बंदूक लेकर पहुंचने का गंभीर मामला कुछ माह पूर्व सामने आया था। तात्कालिक तौल पर प्रधान पाठक को निलंबित करने के बाद विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद प्रधान पाठक को कड़ी अनुशासनात्मक सजा दी गई है।

नशेबाज टीचर का वीडियो हुआ था वायरल

जांच प्रतिवेदन के अनुसार, 21 नवंबर 2024 को प्रधान पाठक सुशील कुमार कौशिक नशे की हालत में बंदूक लेकर शासकीय हाई स्कूल बरबसपुर पहुंचे थे। इस घटना के समय विद्यालय में संकुल प्राचार्य सहित अन्य शिक्षक उपस्थित थे, जिन्होंने जांच के दौरान अपने बयान दर्ज कराए। प्रत्यक्षदर्शी शिक्षकों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह सिद्ध हुआ कि आरोपी शिक्षक की स्थिति नशे में थी और उनके पास आग्नेय हथियार मौजूद था।

सबसे अहम बात यह रही कि स्वयं सुशील कुमार कौशिक ने जांच के दौरान घटना को स्वीकार किया, जिसके चलते विभागीय स्तर पर आरोपों को प्रमाणित माना गया। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना में प्रयुक्त बंदूक को तत्काल जप्त कर लिया गया और थाना प्रतापपुर में पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षित रखा गया है।

कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, प्रतापपुर द्वारा प्रस्तुत विभागीय जांच प्रतिवेदन के आधार पर शासकीय प्राथमिक पाठशाला मुस्लमानपारा, प्रतापपुर में पदस्थ प्रधान पाठक सुशील कुमार कौशिक के विरुद्ध लगाए गए गंभीर आरोपों को पूर्णतः प्रमाणित पाया गया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि प्रधान पाठक ने न केवल शासकीय सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन किया, बल्कि विद्यालय परिसर में भय और असुरक्षा का माहौल भी उत्पन्न किया।

पूर्व में भी ऐसी हरकतें की थी टीचर ने

विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि यह पहली घटना नहीं थी। जांच प्रतिवेदन के अनुसार, श्री कौशिक द्वारा अवकाश के दौरान भी नशे की हालत में विद्यालय आने, शिक्षकों को डराने और बंदूक के बल पर जान से मारने की धमकी देने जैसी घटनाएं पहले भी हुई थीं। ऐसे कृत्यों से विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों में भय का वातावरण निर्मित हो गया था।

जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रधान पाठक का यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-03 के प्रतिकूल है। विद्यालय जैसे संवेदनशील और अनुशासित वातावरण में आग्नेय हथियार लेकर पहुंचना और नशे की हालत में व्यवहार करना गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है।

सभी आरोप पूर्णतः प्रमाणित पाए जाने के बाद विभाग ने कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अपचारी शिक्षक सुशील कुमार कौशिक को दीर्घ शास्ति दी है। इसके तहत उनकी तीन वार्षिक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से अवरुद्ध की गई है। साथ ही, उन्हें पूर्व में किये गए निलंबन से बहाल करते हुए शासकीय प्राथमिक विद्यालय गरजापारा, टमकी, विकासखण्ड ओड़गी, जिला सूरजपुर में पदस्थ किया गया है।

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