कांकेर। महादेव बैटिंग संचालकों के साथ संबंधों के चलते चर्चा में आये प्रधान आरक्षक विजय कुमार पांडेय की पदस्थापना इन दिनों कांकेर जिले में है और वह राजनांदगांव में सक्रिय रहकर अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों से संपर्क में लगा हुआ था। बताया जा रह है कि इसकी जानकारी खुफिया चीफ अमित कुमार को मिली तब उन्होंने राजनांदगांव वसपी को डांट लगाई। इसके बाद हरकत में आये कांकेर एसपी निखिल राखेजा ने विजय पांडेय को सस्पेंड कर दिया।

गौरतलब है कि ED की जांच में यह खुलासा हुआ था कि सिपाही विजय पांडेय बिना अनुमति दुबई गया था और महादेव सट्टा के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर का आतिथ्य में वहां रुका था।

कई अफसरों का करीबी है पांडेय

मिली जानकारी के अनुसार कांकेर जिले में डीसीबी/डीसीआरवी शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विजय पांडे प्रदेश के कई आला अफसरों का करीबी है। उसके द्वारा पिछले एक हफ़्ते से राजनांदगाँव जिले में आकर अवैध कारोबार करने वालों से मुलाकात मुलाकात की जा रही थी। सूत्रों के अनुसार इनके साथ बैठक के दौरान अवैध कारोबार को लेकर प्लान पर चर्चा हुई है। इस बैठक की सूचना प्रदेश के खुफिया तंत्र को मिली थी, जिसके बाद एक्शन लेते हुए प्रधान आरक्षक को सस्पेंड करने की कार्रवाई की गई है।

पुलिस अधीक्षक, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है, प्रधान आरक्षक विजय कुमार पाण्डेय, डीसीबी/डीसीआरबी शाखा, पुलिस कार्यालय कांकेर को बिना किसी सूचना के कर्तव्य से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित होने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय रक्षित केन्द्र कांकेर रहेगा तथा इन्हे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

जारी निलंबन आदेश में एसपी ने लिखा है, निलंबित प्रधान आरक्षक विजय कुमार पाण्डेय, डीसीबी डीसीआरबी शाखा, पुलिस कार्यालय कांकेर के उपरोक्त कृत्य के संबंध में प्राथमिक जांच कर प्रतिवेदन 07 दिवस भीतर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

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