रायपुर। मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी जिला के ग्राम बोहरभेड़ी में कथित तौर पर धान नहीं बिकने से परेशान किसान खोमन साहू की आत्महत्या को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार प्रायोजित हत्या बताया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार लगातार किसानों के धान नहीं खरीदने का बहाना बना रही है, अड़चने पैदा कर रही, जिससे किसान परेशान होकर आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार किसानों का टोकन नहीं कटने दे रही, रकबा सरेंडर करवा रही, कोठार सत्यापन करवा कर परेशान कर रही है, जिसके कारण किसानो में बेचैनी है और किसान आत्महत्या जैसे घातक कदम उठा रहे है।

बैज ने कहा कि धान खरीदी में गिनती के तीन-चार दिन बचे है। अभी तक प्रदेश के 9.5 लाख से अधिक किसान धान नहीं बेच पाये हैं। इस कारण किसानों में अफरा-तफरी का माहौल है। सरकार ने टोकन काटना भी बंद कर दिया है। जिसके कारण किसान हताश हो गये है। सरकार आत्महत्या करने वाले किसान के परिजनों को 1 करोड़ का मुआवजा दे।

‘धान खरीदी को लेकर हतोत्साहित हैं किसान’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि टोकन की समस्या से किसान पूरी धान खरीदी के दौरान जूझते रहे हैं, विगत दिनों टोकन के लिए सोसायटी के चक्कर काट कर थक चुके महासमुंद जिले के सेंधभाटा के किसान मनोबोध गाडा ने अपना गला रेत लिया था, कोरबा जिले के किसान बैशाखू मरकाम जहर खाने को मजबूर हुये, कल रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड के बकेली में 15 दिनों से टोकन के लिए भटक रहे किसान कृष्ण कुमार गबेल ने हताश होकर कीटनाशक पी कर आत्महत्या का प्रयास किया। सरकार की अकर्मण्यता और दुर्भावना से किसान बे-मौत मरने मजबूर हैं। टोकन नहीं कटने के कारण किसानो को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी हो रही है, धान खराब होने की आशंका है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि धान खरीदी की तिथि 1 माह बढ़ाई जाये। ऑनलाइन टोकन काटने की बंद प्रक्रिया फिर शुरू की जाये तथा सभी सोसायटियों में ऑफ लाइन टोकन देना भी शुरू किया जाये। सरकार यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश के हर किसान का दाना-दाना धान सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदी की जायेगी। बैज ने कहा कि किसानों को धान बेचने से रोकने बिना सहमति जबरिया रकबा संरेडर करवा दिया गया। पूर्व से जारी टोकन को निरस्त करवाया गया। हजारों किसान सरकार के इस षड्यंत्र का शिकार हुये।

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