रायपुर। छत्तीसगढ़ के 487 आयुर्वेद, यूनानी और नेचुरोपैथी डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण नहीं कराने की वजह से छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक, यूनानी व प्राकृतिक चिकित्सा परिषद ने यह कार्रवाई है। अब वे किसी भी तरह की सरकारी या निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे।
परिषद के अनुसार वर्तमान में राज्य में आयुर्वेद के 6321, यूनानी के 333 और नेचुरोपैथी के 201 चिकित्सक पंजीकृत हैं। अधिकारियों ने बताया कि पंजीकृत चिकित्सकों के लिए नवीनीकरण को वर्ष 2020 में अनिवार्य किया गया था, लेकिन कोरोना संकट के दौरान इसे प्रभावी नहीं किया जा सका।
राज्य में पहली बार पंजीयन नवीनीकरण की प्रक्रिया वर्ष 2024 में शुरू की गई। इसके तहत 4 जुलाई 2002 से 31 दिसंबर 2019 के बीच पंजीकृत आयुर्वेद, यूनानी और नेचुरोपैथी डॉक्टरों को नवीनीकरण का अवसर दिया गया। इस दौरान कई चिकित्सकों ने नवीनीकरण कराया, लेकिन 530 चिकित्सकों ने तय समय तक प्रक्रिया पूरी नहीं की।
पहले चरण में निलंबन, फिर निरस्तीकरण
इसके चलते 15 जुलाई 2025 को इन 530 चिकित्सकों का पंजीयन निलंबित कर दिया गया था। बाद में उन्हें नवीनीकरण के लिए 31 दिसंबर 2025 तक का अंतिम अवसर दिया गया। इस अवधि में 43 चिकित्सकों ने नवीनीकरण करा लिया, जबकि शेष 487 चिकित्सकों का पंजीयन निलंबित ही रहा।
अधिकारियों के अनुसार जिन चिकित्सकों का पंजीयन निलंबित हुआ है, उनमें कुछ के निधन की संभावना है, कुछ दूसरे राज्यों में स्थानांतरित हो चुके हैं, जबकि कई ऐसे भी हैं जो अब सक्रिय रूप से चिकित्सा सेवा में नहीं हैं।
इनके लिए पंजीयन अनिवार्य
बीएएमएस, बीयूएमएस और बीएनवाईएस डिग्रीधारी चिकित्सकों को छत्तीसगढ़ में प्रैक्टिस करने के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक, यूनानी एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद, रायपुर के राज्य रजिस्टर में पंजीयन कराना अनिवार्य है। बिना पंजीयन कोई भी चिकित्सक सरकारी या निजी सेवा नहीं दे सकता।
पंजीयन की ये है प्रक्रिया
पंजीयन प्रक्रिया में 1 से 3 माह का समय लगता है। राज्य के विश्वविद्यालय से डिग्रीधारी चिकित्सकों के लिए शुल्क 5600 रुपए, जबकि अन्य राज्यों के विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त चिकित्सकों के लिए शुल्क 10500 रुपए निर्धारित है। फिलहाल आवेदन ऑफलाइन लिए जा रहे हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने के लिए परिषद ने शासन को प्रस्ताव भेजा है।
हर 5 वर्ष में नवीनीकरण जरुरी
पुनः पंजीयन का अवसर छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक, यूनानी एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद के रजिस्ट्रार डॉ. संजय शुक्ला ने बताया कि नवीनीकरण प्रक्रिया 2024 में शुरू की गई है और अब हर पांच वर्ष में नवीनीकरण अनिवार्य होगा। जिन चिकित्सकों का पंजीयन निलंबित हुआ है, वे फिलहाल सरकारी और निजी दोनों तरह की सेवाएं नहीं दे सकेंगे। हालांकि छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक, यूनानी एवं प्राकृतिक चिकित्सा अधिनियम 2001 की धारा 29(3) के तहत वे पुनः आवेदन कर पंजीयन प्राप्त कर सकते हैं।
इन नेताओं ने भी कराया नवीनीकरण
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, कांग्रेस नेता डॉ. शिव डहरिया और डॉ. प्रेमसाय सिंह जैसी बड़ी राजनीतिक हस्तियों ने समय पर पंजीयन नवीनीकरण कराकर यह संदेश दिया है कि नियम सभी के लिए समान हैं। सक्रिय प्रैक्टिस करने वालों को समय पर पंजीयन और नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। इन सभी ने परिषद की प्रक्रिया का पालन करते हुए अपने पंजीयन का नवीनीकरण करा लिया। इससे वे लगातार प्रैक्टिस जारी रख सकेंगे। इसी तरह हास्य कवि और पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे ने भी अपने पंजीयन का नवीनीकरण कराया था।

