रायपुर। राजनांदगांव से होकर मानपुर तक 300 करोड़ रुपए की लागत से नए सड़क निर्माण में एक साजिश के तहत टेंडर हासिल करने को लेकर राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे ने लगाया है। उन्होंने प्रदेश सरकार के पीडब्ल्यूडी सचिव को पत्र लिखकर टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।

बताया जा रहा है कि जिस ठेकेदार की कंपनी के खिलाफ सांसद ने पत्र लिखा है, वह सत्तारूढ़ दल से परोक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। ऐसे में भाजपा के भीतर सांसद के कड़े रूख को लेकर एक धड़ा नाराज भी हो गया है। सांसद पांडे ने टेंंडर प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से पूर्ण करने की मांग लोक निर्माण विभाग के सचिव से की है।

मिली जानकारी के मुताबिक राजनांदगांव से अंबागढ़ चौकी के रास्ते मोहला-मानपुर तक लगभग 95 किमी सड़क के निर्माण हेतु केंद्र ने करीब 300 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। सड़क निर्माण के लिए अमर बिल्डर्स को अधिकृत किया गया है। अब इस मामले में अमर बिल्डर्स पर कई अहम जानकारी छुपाने का आरोप लगा है। सांसद पांडे ने सचिव को लिखे पत्र में स्पष्ट तौर पर टेंडर हासिल करने वाली कंपनी पर पूर्व में टेंडर 20 प्रतिशत बिलो में स्वीकृत किया गया था। बाद में उसे बदलकर 17 प्रतिशत किया गया। इससे सरकार को 8 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।

सांसद ने पत्र में लिखा है कि अमर बिल्डर्स द्वारा वर्क इन हैंड्स यानि निर्माणाधीन कार्यों की जानकारी छुपाई गई है। बताया जा रहा है कि कई और भी अहम एवं जरूरी जानकारी को छुपाकर अमर बिल्डर्स ने टेंडर हासिल किया है। यह भी पता चला है कि अमर बिल्डर्स को टेंडर दिलाने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग के अन्य अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया है। मसलन, अमर बिल्डर्स के साथ अन्य टेंडर फार्म जमा करने वाले फर्म को तकनीकी एवं अन्य कमी का हवाला देकर टेंडर से दूर रखा गया।

बताया जा रहा है कि सांसद ने प्रदेश सरकार से ईएनसी की भी शिकायत की है। सांसद ने खुले तौर पर पीडब्ल्यूडी के शीर्ष अधिकारियों की भूमिका को लेकर शंका जताई है। राजनांदगांव-मानपुर के बीच एक चौड़ी सड़क निर्माण के लिए सांसद पांडे ने केंद्र से कड़ी मशक्कत के बाद राशि जारी कराने में सफलता हासिल की है। यही कारण है कि सांसद ने अमर बिल्डर्स की कार्यप्रणाली को जनविरोधी मानते हुए टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए है।

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