कांकेर। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। कांकेर जिले में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के तहत अतिशेष घोषित किए गए शिक्षकों के तबादले पर नहीं जाने के खिलाफ विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला शिक्षा अधिकारी, कांकेर रमेश कुमार निषाद ने आदेश की अवहेलना करने पर जिले के 38 शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से शिक्षकों को बड़ा झटका लगा है।

जिला शिक्षा अधिकारी, उत्तर बस्तर कांकेर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शासन स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुरूप जिले में जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी की गई थी। इस प्रक्रिया के अंतर्गत आवश्यकता से अधिक शिक्षकों को अतिशेष घोषित कर उन्हें अन्य विद्यालयों में नवीन पदस्थापना दी गई थी। इसके बाद संबंधित शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर नए विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करें। इस आदेश के बावजूद कई शिक्षकों ने नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग नहीं की।

जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद ने मीडिया को बताया कि इन शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण करने के लिए बार-बार पत्र जारी किए गए और उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी सूचित किया गया, इसके बावजूद उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। कुछ शिक्षकों द्वारा यह तर्क दिया गया कि उन्होंने इस प्रक्रिया के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की है, लेकिन विभाग के समक्ष किसी भी शिक्षक ने न्यायालय से प्राप्त कोई स्थगन आदेश प्रस्तुत नहीं किया। इससे पूर्व इन शिक्षकों ने अभ्यावेदन भी प्रस्तुत किया था, मगर समिति ने अमान्य कर दिया, बावजूद इसके शिक्षक नए स्थान पर ज्वाइन नहीं कर रहे थे।

जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना किसी वैध स्थगन आदेश के पदस्थापना पर ज्वाइनिंग नहीं करना कर्तव्य में घोर लापरवाही है। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का उल्लंघन माना गया है। इसी आधार पर 38 अतिशेष शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।

बता दें कि शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण के बाद जारी आदेश का पालन नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आदेश जारी किया था। इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई है। दूसरे जिलों में भी ऐसे शिक्षकों के निलंबन का आदेश जारी किया जा रहा है। हालांकि कांकेर जिले में एक साथ 38 शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है, जिससे पूरे प्रदेश में शिक्षकों के बीच हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है।

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