राजनांदगांव। राजनांदगांव पुलिस ने साइबर फ्राड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने जज और सीबीआई अफसर बनकर डिजिटल अरेस्ट और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रूपये की ठगी की थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने हरियाणा और मध्यप्रदेश में छापामार कार्रवाई कर साइबर फ्राड गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

राजनांदगांव पुलिस ने आज साइबर फ्राड कर करोड़ों रूपये की ठगी के मामले का खुलासा किया। एएसपी राहुल देव ने बताया कि थाना कोतवाली क्षेत्र में डिजिटल अरेस्ट व शेयर ट्रेडिंग का मामला पुलिस के संज्ञान में आया था। जिस पर एसपी अंकिता शर्मा ने गंभीरता दिखाते हुए टीम गठित कर इस गिरोह की धरपकड़ का निर्देश दिया गया था।

दो अलग-अलग मामलों में हुई कार्रवाई

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में सायबर सेल और कोतवाली थाना की संयुक्त टीम गठित कर जल्द से जल्द आरोपियों की पता तलाश करने हेतु निर्देश दिया गया। जिस पर सायबर सेल द्वारा प्रार्थियों के बैंक मनीट्रेल और आरोपियों के बैंक डिटेल व अन्य तकनीकी मदद से जानकारी इकट्ठा कर गुरूग्राम हरियाणा व मध्यप्रदेश के सिहोर व इंदौर टीम रवाना किया गया। पुलिस की टीम ने इन स्थानों में छापामार कार्रवाई कर डिजिटल अरेस्ट के 01 आरोपी एवं शेयर टेड्रिंग के मामले में 03 आरोपियों को हिरासत में लेकर राजनांदगांव लाया गया। दोनों प्रकरणों में आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक, आधार, पैन कार्ड एवं 05 नग मोबाइल फोन जप्त किया गया।

बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर वसूले 79 लाख

केस नंबर 1- पुलिस ने खुलासा किया शातिर ठगों ने पहले खुद को एयरटेल कर्मचारी, फिर सीबीआई अधिकारी और बाद में जज बताकर 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला को वीडियो कॉल पर मनी लांड्रिंग के केस में फंसाने की धमकी दी गयी। इस दौरान आरोपियों ने महिला को व्हाट्सअप विड़ियों कॉल पर डिजिटल अरेस्ट का झांसा देते, हुये मनी लॉन्ड्रींग केस में फर्जी जज बनकर सुनवाई के दौरान कहा कि उनके खाते की रकम को जज के खाते में आरटीजीएस करें। जिससे उनकी निर्दोषता साबित होगी। डिजिटल अरेस्ट के डर से पीड़िता ने ठगों के बताये बैंक खातों में 79 लाख 69 हजार रूपये ट्रांसफर कर दी। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने इसकी शिकायत कोतवाली थाना में दर्ज करायी थी।

साइबर सेल व थाना कोतवाली की संयुक्त टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर छानबीन की। ठगी की रकम में से 20 लाख रूपये आरोपी द्वारा यश बैंक के खाते में प्राप्त किया गया था। टीम गुरूग्राम हरियाणा में दबिश देकर एक आरोपी राधे श्याम को हिरासत में लिया। आरोपी द्वारा ठगी से प्राप्त रकम को गुरूग्राम हरियाणा के विभिन्न बैंकों में चेक व एटीएम के माध्यम से नगद निकालकर 02 प्रतिशत कमीशन अपने पास रखकर बाकी ठगी के रकम को गिरोह को भेजता था। प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों की पतासाजी जारी है।

शेयर ट्रेडिंग का लालच देकर ठगे करोड़ों रूपये

केस नंबर 2- साईबर ठगो द्वारा स्वयं को फारेक्स/ऑनलाइन ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताकर आयुष अग्रवाल निवासी राजनांदगांव को रुपये दोगुना करने का लालच दिया। इनवेस्टमेंट हेतु व्हाटसअप के माध्यम से फर्जी वेबसाईट लिंक भेजकर उस पलेटफार्म पर फर्जी तरीके से शुरूवात में छोटा मुनाफा 15 हजार रूपये प्रार्थी के एकाउंट में ट्रांसफर किये. इस प्रकार आयुष अग्रवाल को भरोसे में लिया और बड़े निवेश में ज्यादा फायदा देने की बात कहकर कुल 1 करोड़ 21 लाख 53 हजार 5सौ 90 रूपये विभिन्न खातों में जमा कराए। ठगों ने कमीशन और निवेश के नाम पर लगातार पैसे माँगे। बढे़ हुये रकम को प्रार्थी द्वारा विथड्रॉ करने की बात करने पर ठगों द्वारा बाहना करने पर प्रार्थी को ठगी का अहसास हुआ फिर प्रार्थी ने साइबर हेल्पलाइन 1930 व थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 656/2025 रिपोर्ट दर्ज कराई।

इस मामले में साइबर सेल व थाना कोतवाली की टीम ने मनी ट्रेल व तकनीकी जांच कर मध्यप्रदेश के सिहोर व इंदौर में दबिश दी और बंधन बैंक के खाता जिसमें ठगी की रकम 9 लाख रूपये ट्रांसफर की गई थी। जिसके खाता धारक धीरज सिंह जिसके द्वारा अपनी कंपनी किसान बाजार के नाम पर करंट बैंक खाता खुलवाकर उसे ठगी हेतु रूपये 1,30,000/- (एक लाख तीस हजार) रूपये कमीशन लेकर ठगों को बेचा गया था। व उक्त बैंक खाता को ठगो तक पहुंचाने वाले गिरोह के अरविंद ठाकुर जो कि खाता उपलब्ध कराने हेतु 2 प्रतिशत लेता था तथा डिम्पल यादव (बीटेक सायबर सेक्यूरिटी का छात्र) ठगों को खाता उपलब्ध कराने के एवज में व 2.8 प्रतिशत कमीशन लेने का काम करता था। खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी कमीशन के पैसों को क्रिप्टोकरेंसी-यूएसडीटी के रूप में वॉलेट एड्रेस में प्राप्त करते थे।

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