रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉक्टर राकेश गुप्ता ने छत्तीसगढ़ फीस नियामक समिति के निजी मेडिकल कॉलेजो की प्रावधानों के विपरीत अतिरिक्त मदों में ली गई फीस की वापसी के फैसले का स्वागत किया है। पिछले कुछ समय से पालकों की तरफ से नियमित रूप से शिकायतें मिलती रही हैं लेकिन मेडिकल कॉलेजों में अध्ययन कर रहे बच्चों की पढ़ाई में संभावित अहित के कारण कोई पालक आगे आकर शिकायत नहीं कर पाता है।

देश में अपनी तरह का पहला फैसला

अतिरिक्त फीस वसूली किए जाने की शिकायतें सही पाए जाने पर फीस नियामक समिति के साहसी और पारदर्शी फैसले को कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता ने देश में अपनी तरह का पहला फैसला बताया है। भविष्य में अतिरिक्त फीस वसूली पर रोक लगाए जाने के लिए बेहतर होगा कि छत्तीसगढ़ राज्य का चिकित्सा शिक्षा विभाग शिकायतों का तय समय पर निपटारा करके अपनी नैतिक जिम्मेदारी ठीक से निभाए, ताकि पालक और चिकित्सा छात्र मेडिकल कॉलेज की शिक्षा गुणवत्ता पर अपने सकारात्मक सुझाव दे सकें।

डॉ. राकेश गुप्ता ने मांग की है कि सरकार और चिकित्सा शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करे कि फीस नियामक समिति के फैसले के अनुसार सभी बच्चों की अतिरिक्त फीस, जो वसूली गयी है उसकी वापसी हो सके। फीस नियामक समिति के आदेश अनुसार तय समय पर सभी पालकों को पारदर्शी तरीके से फीस वापसी की प्रक्रिया पूर्ण हो यह देखना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है।

गौरतलब है कि प्रदेश के 3 मेडिकल कॉलेजों ने कतिपय छात्रों से 4 से 5 लाख रूपये की फीस ज्यादा ली है। फीस नियामक समिति ने अतिरिक्त फीस को ब्याज के साथ वापस करने का आदेश दिया है। बहरहाल देखना यह है कि कॉलेज प्रबंधन अतिरिक्त फीस वापस करते हैं या कोई हीला-हवाला करते हैं।

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