रायपुर | तेलंगाना के मुखरा गांव में पेड़ों को संरक्षित करने के लिए ‘डिजिटल ट्री आधार’ अभियान शुरू किया गया है। यह देश का पहला ऐसा गांव बन गया है, जिसने हर पेड़ को जियो-टैग और क्यूआर कोड दिए हैं। इससे करीब 1,05,624 पेड़ों की व्यवस्थित निगरानी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
योजनाकार रफीक ने की थी पहल
बता दें कि छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के योजनाकार मोहम्मद रफीक मेमन ने बीते 16.08.2024 को केंद्र एवं राज्य सरकार को एक योजना प्रेषित की थी ‘वृक्षआधार’, जिसमें उन्होंने कहा था कि पेड़ों को संरक्षित करने के लिए हर पेड़ को एक डिजिटल आधार दिया जाए। रफीक के मुताबिक वृक्ष आधार में हर वृक्ष का संपूर्ण डाटा रहेगा। जैसे –
वृक्ष कौन सी प्रजाति का है।
वृक्ष की लंबाई चौड़ाई कितनी है।
वृक्ष की आयु क्या है।
वृक्ष और कितनी आयु तक जीवित रह सकता है।
वृक्ष पूर्णतः स्वस्थ है कि नहीं।
वृक्ष का पता।
वृक्ष किसके द्वारा लगाया गया।
अगर वृक्ष आधार का अभियान चलाया जाये तो इस आधार से हर व्यक्ति को यह जानकारी होगी कि देश के किस जिले में किस प्रजाति के कितने वृक्ष हैं और उनकी क्या स्थिति है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से आया यह आइडिया
दरअसल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान देश भर में चलाने का आह्वान किया था, जिसके बाद पूरे देश में लोगों ने बढ़चढ़ कर इस अभियान में हिस्सा लिया और पेड़ लगाए। यह सर्वविदित है कि हर वर्ष देश भर में लाखों-करोड़ों पेड़ लगाए जाते हैं, मगर इनमें से अधिकांश देखरेख के आभाव में मर जाते हैं, वहीं इनमें से कई पेड़ों को बड़ा होने के बाद अवैध तरीके से काट दिया जाता है। ऐसे में युवा योजनाकार रफीक मेमन के दिमाग में यह आइडिया आया कि क्यों न पेड़ों को बचाने के लिए एक अभियान चलाया जाये। उन्होंने इसी के तहत ‘वृक्षआधार’ योजना तैयार की और इसका सुझाव केंद्र और राज्य सरकार को भेजा। हालांकि इस पर सरकारों ने कोई पहल नहीं की, मगर तेलंगाना के एक छोटे से गांव मुखरा में इसी योजना पर अमल किया जा रहा है।
मोहम्मद रफीक मेमन ने पिछले वर्ष ही इस योजना को केंद्र और राज्य सरकार को प्रेषित किया था। सही मायने में उनकी यह योजना बहुत ही कारगर है, जिसे हैदराबाद के तेलंगाना के मुखरा गांव में पेड़ों को संरक्षित करने के लिए लागू किया जा रहा है। यहां हर पेड़ को जियो-टैग और क्यूआर कोड दिया जायेगा। इससे हर पेड़ की पहचान रहेगी और उसे गलत तरीके से नष्ट भी नहीं किया जा सकेगा।
छत्तीसगढ़ सरकार से भी योजना को लागू करने की अपील
मोहम्मद रफीक मेमन ने छत्तीसगढ़ राज्य की सरकार से अनुरोध किया है कि इस योजना को छत्तीसगढ़ में भी वृक्षों के संरक्षण के लिए जल्द से जल्द लागू किया जाए। रफीक ने सरकार को इस सुझाव के साथ एक परचा भी तैयार किया है, जिसमें बताया गया है कि ‘वृक्षआधार’ में किस तरह की जानकारी होगी और इस योजना के क्या फायदे होंगे। जरा इस पर नजर डालिये :

