रायपुर। महतारी वंदन योजना के बहुचर्चित सनी लियोनी वाले मामले की जांच में तथ्यों के खुलासे के बाद कार्यकर्ताओं का संघ सामने आ गया है। संघ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को निर्दोष बताते हुए सरकार से उसकी बर्खास्तगी को तुरंत रद्द करने की मांग की है। उधर जशपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 4 सहायिकाओं को बर्खास्त कर दिया है। बताया गया है कि कार्य से लगातार अनुपस्थिति के चलते यह कार्यवाही की गई है।

कार्यकर्ताओं की आईडी के दुरुपयोग का आरोप

महतारी वंदन योजना में सनी लियोनी के नाम से फर्जीवाड़ा करने के मामले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वेदमती जोशी को बर्खास्त किए जाने पर छत्तीसगढ़ प्रदेश आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ता सहायिका संघ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ता सहायिका संघ के पदाधिकारियों ने जगदलपुर में प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष रुक्मणी सज्जन ने कहा कि योजना के प्रारंभिक दौर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की आईडी का दुरुपयोग किया गया, लेकिन बर्खास्तगी केवल वेदमती जोशी के खिलाफ ही क्यों की गई, जबकि अन्य कर्मचारियों को सिर्फ निलंबित किया गया।

रुक्मणि सज्जन ने कहा कि ब्लॉक परियोजना अधिकारी एवं आंगनबाडी पर्यवेक्षक को निलंबित किया गया है और जिला कार्यक्रम अधिकारी से सिर्फ स्पष्टीकरण मांगा गया है। ऊपर के अधिकारियों पर नरमी और दिखावे की कार्रवाई की गई है ताकि मामला शांत होने पर उन्हें पुन: बहाल किया जा सके। जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वेदमती जोशी को बर्खास्त कर दिया गया है। शासन की यह कार्यवाही पूरी तरह भेदभाव पूर्ण है।

ऑफलाइन फॉर्म भरे थे कार्यकर्त्ता ने

दरअसल सनी लियोनी का ऑनलाइन फॉर्म एक इंटरनेट कैफे में भरे जाने का खुलासा होने और इसके संचालक की गिरफ्तारी के बाद यह लगभग तय हो गया है कि इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता का कोई दोष नहीं है। अब इस मामले में आंगनबाड़ी कर्मियों का संघ सामने आ गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ का कहना है कि वेदमती जोशी ने महतारी वंदन योजना के ऑफलाइन फॉर्म भरे थे एवं उन्हें जमा किया था, उनमें सनी लियोन वाले नाम का फॉर्म नहीं था।

नेट काम नहीं करता, तो निजी लोगों को दे दी गई आईडी

यह भी तथ्य है कि महतारी वंदन का फॉर्म भरने के लिए जो आईडी जारी की गई थी, उस आईडी को विभाग से बाहरी लोगों को भी बांट दिया गया था, क्योंकि इसमें समय सीमा निर्धारित थी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दिन-रात काम करके फॉर्म भरना अनिवार्य किया गया था। साथ ही यह भी निर्देश था कि किसी का भी फॉर्म रिजेक्ट या कैंसिल नहीं करना है। बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में ना तो इंटरनेट काम करता है और न ही मोबाइल ठीक से काम करता है। कई फॉर्म कंप्यूटर सेंटर से निजी तौर पर भी भरवाए गए थे। इसकी भी जांच होनी चाहिए कि निजी कंप्यूटर सेंटर में तो सनी लियोन के नाम का फॉर्म तो नहीं भरा गया था, उन्हें विभाग की आईडी कैसे प्राप्त हुई। इसकी भी जांच होनी चाहिए कि ऊपर के अधिकारियो ने उसे किस तरह स्वीकृत किया।

संघ ने कहा है कि इस प्रकरण की पूरी जांच किए बगैर वेदमती जोशी पर दोषसिद्ध मान लिया जाना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। अधिकारियों द्वारा बिना तथ्यों की जांच किए ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए गए आवेदनों को सत्यापित कर दिया गया। इस पर पर्यवेक्षक के द्वारा भी बिना परीक्षण किए इस आवेदन का सत्यापन कर दिया गया। जिसके कारण इस नाम वाले हितग्राही की उनके द्वारा दिए गए आधार नंबर लिंक स्टेट बैंक खाते में राशि का भुगतान हुआ है। आवेदन के परीक्षण हेतु ग्राम प्रभारी से लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी की भी जवाबदारी बनती है। अपने चुनावी वादे को पूरा करने के लिए वर्तमान सरकार ने गैर विभागीय काम आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के ऊपर लाद दिया है, जो इस तरह के ऑनलाइन काम करने की स्थिति में नहीं हैं। यह कार्य आंगनबाड़ी का विभागीय कार्य भी नहीं है।

गड़बड़ी हुई तो गाज कार्यकर्त्ता पर…

कार्यकर्त्ता संघ ने कहा है कि आनन फानन में बहुत जल्दबाजी में बिना किसी सही सिस्टम के सरकार ने यह काम करवाया और अब समस्या होने पर कार्यकर्ताओं की गर्दन पर तलवार चलाई गई है। संघ ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वेदमती जोशी की पुन: बहाली हेतु सरकार से अनुरोध व मांग की है।

प्रशासन को सोमवार तक दिया अल्टीमेटम

संघ ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक वेदमती जोशी की बर्खास्तगी वापस नहीं ली जाती है, तो बस्तर संभाग में आंगनबाड़ियों का काम बंद कर दिया जाएगा और आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

जशपुर में 5 आंगनबाड़ी कर्मी बर्खास्त

उधर जशपुर में काम के प्रति लापरवाही मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। 5 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को बर्खास्त कर दिया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के लगातार अनुपस्थित होने की शिकायत मिल रही थी। मामले की जांच में यह शिकायत सही पायी गयी। जिसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को कार्य के प्रति लगातार अनुपस्थित होने के कारण तत्काल प्रभाव से उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। बगीचा जनपद सीईओ और परियोजना प्रशासक महिला बाल विकास विभाग प्रमोद सिंग ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। जिसके बाद ये कार्रवाई की गयी।

जिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका की सेवा समाप्त की गयी है, उसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सिलीचिन पैंकरा ग्राम पंचायत बम्बा के अलावा सहायिका संगीता तिर्की, नन्हेसर सहायिका, असन्ता भगत सहायिका कुरडेग, मंजू भगत, झिक्की सहायिका, सरस्वती बाई सरबकोम्बो शामिल हैं। देखें आदेश :

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