गरियाबंद। छत्तीसगढ़ और आसपास के प्रदेशों में स्थित जंगलों से जानवरों का शिकार कर उनके अंगों की तस्करी के मामलों में लगातार कार्रवाई के बावजूद शिकार पर अब भी अंकुश नहीं लग पा रहा है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व की टीम ने 4 ऐसे तस्करों को पकड़ा है जिनके पास से भारी मात्रा में पैंगोलिन के शल्क मिले हैं। पकड़े गए आरोपियों में 2 छत्तीसगढ़ के और 2 महाराष्ट्र के रहने वाले हैं।

उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व की एन्टी पोचिंग टीम एवं पश्चिम भानुप्रतापपुर वनमंडल के संयुक्त ऑपरेशन से पेंगोलिन स्कल तस्करों पर महाराष्ट्र बॉर्डर-पखांजूर में कार्रवाई की गई।

सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

वाइल्डलाइफ जस्टिस कमीशन इंडिया से प्राप्त सूचना जिसमें पेंगोलिन शल्क एवं बाघ के अवयव की तस्करी बाबत जानकारी दी गई थी। जिसके आधार पर उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व और पश्चिम भानुप्रतापपुर वनमंडल की संयुक्त टीम के द्वारा वन परिक्षेत्र कापसी सामान्य अन्तर्गत उपपरिक्षेत्र पखांजूर के ग्राम पीव्ही 31 हरिहरपुर मुख्य मार्ग पर रात्रि 10.30 बजे 4 लोगों को बाइक पर जाते हुए पकड़ा गया। इनके पास से एक प्लास्टिक (सफेद रंग) बोरी में वन्य प्राणी पेंगोलिन के अवयव (स्कल) कुल मात्रा = 13.162 कि.ग्रा. जब्त किया गया।

दवा बनाने के काम आता है शल्क

बताया जाता है कि पैंगोलिन के शल्क से दवाएं बनाई जाती है। और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी काफी कीमत है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के जंगलों में पाए जाने वाले पैंगोलिन का बड़े पैमाने पर शिकार किया जा रहा है। बता दें कि पैंगोलिन लुप्तप्राय प्राणियों की श्रेणी में आता है। पकडे गए तस्करों में जितनी मात्रा में शल्क जब्त किया गया है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि काफी संख्या में इस मासूम जानवर की बलि चढ़ाई गई होगी।

पकड़े गए तस्कर :

(1) सुधीर रामजी रामटेके पिता रामजी रामटेके जाति महार उम्र 52 वर्ष निवासी ग्राम रामनगर, गढ़चिरौली पोस्ट थाना+तह+जिला गढ़चिरौली, महाराष्ट्र
(2) विजय मण्डल पिता रविन्द्र मण्डल जाति नमोशुद्र उम्र 37 वर्ष ग्राम पीव्ही 125 बैकुण्ठपुर, पोस्ट मिक्सफार्म तह थाना पखांजुर जिला कांकेर, छ. ग.
(3) राधाकृष्ण सरकार पिता तरणी सरकार उम्र 48 वर्ष जाति नमोशुद्र बंगाली ग्राम शाखेरा पोस्ट कारवाफा तहसील धनोरा जिला गढ़चिरोली महाराष्ट्र
(4) अनिल रिसेश्वर कुमरे पिता रिसेश्वर कुमरे उम्र 58 वर्ष जाति गोड निवासी सावरगांव, पो. चातगांव, तह. थाना जिला गढ़चिरौली, महाराष्ट्र

उक्त चारों आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9. धारा 51 एवं 52 के तहत वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध कर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय पखांजूर के आदेशानुसार इन्हें रिमांड पर जिला जेल दाखिला कराया गया।

इस कार्यवाही मे गरियाबंद पुलिस के साइबर सेल का विशेष योगदान रहा। इस कार्यवाही में उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व की एन्टी पोचिंग टीम के नोडल एवं सहायक संचालक उदंती (मैनपुर) गोपाल कश्यप, एच.एस. उइके उपवनमंडलाधिकारी पूर्व कापसी, एम.एस. नाग उपवनमंडलाधिकारी पश्चिम कापसी, देवदत्त तारम परिक्षेत्र अधिकारी कापसी सामान्य, शैलेश बघेल (परिक्षेत्र अधिकारी रिसगांव), चन्द्रबली ध्रुव (प्रभारी वनक्षेत्रपाल- इन्दागांव), श्री विजय कुमार यादव उपवनक्षेत्रपाल, धर्मेन्द्र निषाद वनपाल, राजेंद्र सिन्हा वनरक्षक, पुष्पेन्द्र यादव वनरक्षक, अनिल कुमार नेताम वनरक्षक, विनोद हिड़को वनरक्षक, पुनीत ध्रुव, देवीसिंह (सुरक्षा श्रमिक) की उल्लेखनीय भूमिका रही।

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